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Sultanpur News: गांवों में पशु अब भी टीके के इंतजार में
Tue, 11 Aug 2026 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:13 AM IST
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धनपतगंज के अतरसुमाकला गांव में रमाशंकर के मवेशियों को नहीं लगा टीका। -संवाद
सुल्तानपुर। पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान की जमीनी हकीकत विभागीय दावों से अलग मिली। धनपतगंज के पीरोसरैया और अतरसुमाकला गांव में कई पशुपालकों ने अपने पशुओं को टीका नहीं लगने की बात कही। कुड़वार क्षेत्र के उतमानपुर में भी कई पशु टीकाकरण से वंचित मिले।
जिले में 2,19,020 गोवंशीय और 2,35,036 महिषवंशीय पशु हैं। अभियान के तहत पशुओं में ईयर टैग लगाना भी अनिवार्य किया गया है। चार माह से कम उम्र और आठ माह से अधिक गर्भित पशुओं को टीकाकरण से बाहर रखा गया है।
विभाग के अनुसार गांवों में 39 टीमें गठित की गई हैं, जो रोस्टर के अनुसार पशुपालकों के घर और गांवों में पहुंचकर टीकाकरण कर रही हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार, 22 जुलाई से 10 अगस्त तक 1,26,650 मवेशियों को टीका लगाया जा चुका है।
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संवाद न्यूज एजेंसी के चार दिवसीय विशेष अभियान के पहले दिन सोमवार को धनपतगंज के पीरोसरैया गांव में गाय और भैंस मिलाकर 958 पशु बताए गए। विभाग के अनुसार 740 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
गांव निवासी आशुतोष सिंह ने बताया कि उनके पास गाय और भैंस मिलाकर 10 पशु हैं, लेकिन अभी तक किसी को टीका नहीं लगा। उन्हें गांव में टीम आने की जानकारी भी नहीं मिली। महेश यादव ने बताया कि उनके छह पशु हैं, लेकिन उनके दरवाजे पर टीका लगाने कोई नहीं पहुंचा।
इसके विपरीत सत्येंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को टीम आई थी और उनके चार पशुओं को एफएमडी का टीका लगाया गया। अनूप ने दो गायों और जितेंद्र ने चार पशुओं के टीकाकरण की जानकारी दी।
अतरसुमाकला में कुल 556 पशु हैं, जिनमें 400 के टीकाकरण का दावा किया गया है। तेज बहादुर यादव ने बताया कि टीम आई थी और उनके चार पशुओं को टीका लगा।
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उतमानपुर में 125 में से 91 पशुओं को लगा टीका
कुड़वार क्षेत्र के 35 गांवों में करीब 30 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य है। उतमानपुर में 125 पशुओं में से 91 के टीकाकरण की जानकारी दी गई। रामकृपाल की बेटी ने बताया कि उनके घर टीम नहीं आई, जिससे उनकी पड़िया को टीका नहीं लग सका। पड़ताल में 42 पशुओं के कान में टैग लगे मिले। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके अग्रहरि ने बताया कि चार टीमें अभियान में लगी हैं। अब तक 10 ग्राम पंचायतों और तीन गो-आश्रय स्थलों में करीब नौ हजार पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। छूटे पशुओं का दोबारा टीकाकरण कराया जाएगा।
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पैरावेट नहीं कर रहे टीकाकरण में सहयोग
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जिले में टीकाकरण के लिए 39 टीमें गठित की गई हैं। सभी टीमें रोस्टर के अनुसार गांवों में जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। पशुपालकों की सुविधा के लिए सदर पशु चिकित्सालय में नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पैरावेट के सहयोग न करने से टीकाकरण में विलंब हो रहा है।
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जिले में 2,19,020 गोवंशीय और 2,35,036 महिषवंशीय पशु हैं। अभियान के तहत पशुओं में ईयर टैग लगाना भी अनिवार्य किया गया है। चार माह से कम उम्र और आठ माह से अधिक गर्भित पशुओं को टीकाकरण से बाहर रखा गया है।
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विभाग के अनुसार गांवों में 39 टीमें गठित की गई हैं, जो रोस्टर के अनुसार पशुपालकों के घर और गांवों में पहुंचकर टीकाकरण कर रही हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार, 22 जुलाई से 10 अगस्त तक 1,26,650 मवेशियों को टीका लगाया जा चुका है।
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संवाद न्यूज एजेंसी के चार दिवसीय विशेष अभियान के पहले दिन सोमवार को धनपतगंज के पीरोसरैया गांव में गाय और भैंस मिलाकर 958 पशु बताए गए। विभाग के अनुसार 740 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
गांव निवासी आशुतोष सिंह ने बताया कि उनके पास गाय और भैंस मिलाकर 10 पशु हैं, लेकिन अभी तक किसी को टीका नहीं लगा। उन्हें गांव में टीम आने की जानकारी भी नहीं मिली। महेश यादव ने बताया कि उनके छह पशु हैं, लेकिन उनके दरवाजे पर टीका लगाने कोई नहीं पहुंचा।
इसके विपरीत सत्येंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को टीम आई थी और उनके चार पशुओं को एफएमडी का टीका लगाया गया। अनूप ने दो गायों और जितेंद्र ने चार पशुओं के टीकाकरण की जानकारी दी।
अतरसुमाकला में कुल 556 पशु हैं, जिनमें 400 के टीकाकरण का दावा किया गया है। तेज बहादुर यादव ने बताया कि टीम आई थी और उनके चार पशुओं को टीका लगा।
उतमानपुर में 125 में से 91 पशुओं को लगा टीका
कुड़वार क्षेत्र के 35 गांवों में करीब 30 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य है। उतमानपुर में 125 पशुओं में से 91 के टीकाकरण की जानकारी दी गई। रामकृपाल की बेटी ने बताया कि उनके घर टीम नहीं आई, जिससे उनकी पड़िया को टीका नहीं लग सका। पड़ताल में 42 पशुओं के कान में टैग लगे मिले। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके अग्रहरि ने बताया कि चार टीमें अभियान में लगी हैं। अब तक 10 ग्राम पंचायतों और तीन गो-आश्रय स्थलों में करीब नौ हजार पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। छूटे पशुओं का दोबारा टीकाकरण कराया जाएगा।
पैरावेट नहीं कर रहे टीकाकरण में सहयोग
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जिले में टीकाकरण के लिए 39 टीमें गठित की गई हैं। सभी टीमें रोस्टर के अनुसार गांवों में जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। पशुपालकों की सुविधा के लिए सदर पशु चिकित्सालय में नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पैरावेट के सहयोग न करने से टीकाकरण में विलंब हो रहा है।