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Sultanpur News: युवक के हत्यारे को आजीवन कारावास
Fri, 03 Nov 2023 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 03 Nov 2023 12:27 AM IST
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सुल्तानपुर। साली से तय निकाह करने से इन्कार नहीं करने पर युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले फिरोज अहमद को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे एकता वर्मा ने दोषी को आजीवन कारावास व 35 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की 70 फीसदी रकम मृतक के माता-पिता को देने का आदेश दिया है।
एडीजीसी क्रिमिनल संदीप सिंह के मुताबिक, कोतवाली नगर के हरिहर ईशापुर गांव निवासी फिरोज अहमद की साली के साथ धम्मौर थाने के शाहपुर सरकंडेडीह गांव निवासी सादिक अली का निकाह तय था। फिरोज इसका विरोध कर रहा था। निकाह से इन्कार नहीं करने पर फिरोज ने आठ अप्रैल 2021 को सादिक के घर जाकर उसे पिस्टल से गोली मार दी थी। जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
मृतक के पिता रमजान अली ने फिरोज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल संदीप सिंह ने नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने फिरोज को हत्या व आर्म्स एक्ट के आराेप में सजा सुनाई।
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सुनवाई के दौरान नहीं मिली थी जमानत
फिराेज को मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई थी। सरकारी वकील संदीप सिंह ने बताया कि फिरोज के जेल में रहने के दौरान केस की सुनवाई हुई। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल पिस्टल भी बरामद की थी। 29 मई 2021 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। करीब ढाई वर्ष तक चली सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई।
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एडीजीसी क्रिमिनल संदीप सिंह के मुताबिक, कोतवाली नगर के हरिहर ईशापुर गांव निवासी फिरोज अहमद की साली के साथ धम्मौर थाने के शाहपुर सरकंडेडीह गांव निवासी सादिक अली का निकाह तय था। फिरोज इसका विरोध कर रहा था। निकाह से इन्कार नहीं करने पर फिरोज ने आठ अप्रैल 2021 को सादिक के घर जाकर उसे पिस्टल से गोली मार दी थी। जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
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मृतक के पिता रमजान अली ने फिरोज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल संदीप सिंह ने नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने फिरोज को हत्या व आर्म्स एक्ट के आराेप में सजा सुनाई।
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सुनवाई के दौरान नहीं मिली थी जमानत
फिराेज को मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई थी। सरकारी वकील संदीप सिंह ने बताया कि फिरोज के जेल में रहने के दौरान केस की सुनवाई हुई। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल पिस्टल भी बरामद की थी। 29 मई 2021 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। करीब ढाई वर्ष तक चली सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई।