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मजदूर के बेटे की आईआईटी में 354वीं रैंक
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Thu, 25 Jun 2015 10:48 PM IST
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उसे सामान्य कटेगरी में 16,765वीं रैंक मिली है। आरक्षित वर्ग में उसे रुड़की, दिल्ली समेत कई स्तरीय कॉलेज मिलने की संभावना है। मेधावी छात्र का परिवार बेटे के काउंसलिंग के लिए पैसा जुटाने में लगा है।
'अमर उजाला' की मदद से फुटपाथ पर चाय बेचने वाले के पुत्र विष्णु गुप्ता को सीएम से मदद मिलने की खबर पढ़कर छात्र अपने बाबा के साथ गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित 'अमर उजाला' के कार्यालय पहुंच गया।
शहर से सटे कूरेभार ब्लॉक के सैदपुर गांव निवासी हरीलाल गौतम मंडी परिषद में ठेला चलाकर परिवार का पेट पालते हैं। परिवार की मुफलिसी से निपटने के लिए मां कौशिल्या देवी को भी मजदूरी करनी पड़ती है।
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इस गरीब दंपती का पुत्र रणधीर कुमार गौतम गुदड़ी का लाल साबित हुआ है। रणधीर को आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में एससी वर्ग में 354वीं रैंक हासिल हुई है।
रणधीर ने बताया कि इस रैंक पर उसे आरक्षित वर्ग में रुड़की व दिल्ली सरीखे कई नामी-गिरामी कॉलेजों में अच्छी ब्रांच मिल जाएगी। रणधीर का परिवार इन दिनों आईआईटी की काउंसलिंग में जरूरी पैसा जुटाने के लिए परेशान है।
गरीब परिवार के छात्र विष्णु गुप्ता को मुख्यमंत्री से मदद मिलने की खबर पढ़कर गुरुवार को रणधीर अपने बाबा के साथ 'अमर उजाला' बड़ी उम्मीद के साथ पहंुचे।
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'अमर उजाला' की मदद से फुटपाथ पर चाय बेचने वाले के पुत्र विष्णु गुप्ता को सीएम से मदद मिलने की खबर पढ़कर छात्र अपने बाबा के साथ गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित 'अमर उजाला' के कार्यालय पहुंच गया।
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शहर से सटे कूरेभार ब्लॉक के सैदपुर गांव निवासी हरीलाल गौतम मंडी परिषद में ठेला चलाकर परिवार का पेट पालते हैं। परिवार की मुफलिसी से निपटने के लिए मां कौशिल्या देवी को भी मजदूरी करनी पड़ती है।
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इस गरीब दंपती का पुत्र रणधीर कुमार गौतम गुदड़ी का लाल साबित हुआ है। रणधीर को आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में एससी वर्ग में 354वीं रैंक हासिल हुई है।
रणधीर ने बताया कि इस रैंक पर उसे आरक्षित वर्ग में रुड़की व दिल्ली सरीखे कई नामी-गिरामी कॉलेजों में अच्छी ब्रांच मिल जाएगी। रणधीर का परिवार इन दिनों आईआईटी की काउंसलिंग में जरूरी पैसा जुटाने के लिए परेशान है।
गरीब परिवार के छात्र विष्णु गुप्ता को मुख्यमंत्री से मदद मिलने की खबर पढ़कर गुरुवार को रणधीर अपने बाबा के साथ 'अमर उजाला' बड़ी उम्मीद के साथ पहंुचे।