{"_id":"619be4847057cc4a710571a0","slug":"hospital-sultanpur-news-lko605651338","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में खुले में फेंका जा रहा संक्रमित कचरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में खुले में फेंका जा रहा संक्रमित कचरा
विज्ञापन
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल में दो बॉयो मेडिकल वेस्ट कलेक्शन कक्ष होने के बाद भी रोज निकलने वाला मेडिकल कचरा चिकित्सालय परिसर में ही खुले में फेंका जा रहा है। फेंके जाने वाले कचरे में सिरिंज, पट्टी, प्लास्टर, दवा की शीशियां व अन्य अपशिष्ट शामिल हैं। इससे चिकित्सालय परिसर में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। समस्या के निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उदासीन हैं।
जिला अस्पताल में पुरुष व महिला चिकित्सालय में रोज बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। इनके उपचार में मेडिकल वेेस्ट समेत दोनों चिकित्सालयों से प्रतिदिन काफी मात्रा में कचरा निकलता है। रोज निकलने वाले कचरे को जिला चिकित्सालय के पीछे स्थित पानी की टंकी के पास खुले में फेंक दिया जाता है। मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंका जाना खतरे से खाली नहीं हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
जिला अस्पताल के पुरुष व महिला चिकित्सालय में मेडिकल वेस्ट व अन्य कचरे को सुरक्षित रखने के लिए एक-एक बॉयोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन व डिस्पोजल कक्ष बनाया गया है। फिर भी कचरा खुले में फेंका जा रहा है। इन कक्षों में अलग-अलग तरह के कचरों को रखने के लिए भिन्न-भिन्न बॉक्स भी रखे गए हैं। बॉयो मेडिकल वेस्ट कलेक्शन व डिस्पोजल कक्ष से मेडिकल वेस्ट का कलेक्शन करने के लिए सप्ताह में दो दिन बाहर से एक एजेंसी को कचरा ले जाने की जिम्मेदारी दी गई है। फिर भी कचरा खुले में फेंका जाता है। इसमें इस्तेमाल की हुई सिरिंज, पट्टी, रुई, प्लास्टर, दवा व इंजेक्शन की शीशियां समेत अन्य कचरा रहता है। इस समय जहां यह कचरा फेंका जा रहा है, उसके बगल ही बर्न व सेप्टिक वार्ड भी स्थित है। कचरे की दुर्गंध से यहां पर आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मियों की लापरवाही से यहां पर अव्यवस्था व संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में पुरुष व महिला चिकित्सालय में रोज बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। इनके उपचार में मेडिकल वेेस्ट समेत दोनों चिकित्सालयों से प्रतिदिन काफी मात्रा में कचरा निकलता है। रोज निकलने वाले कचरे को जिला चिकित्सालय के पीछे स्थित पानी की टंकी के पास खुले में फेंक दिया जाता है। मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंका जाना खतरे से खाली नहीं हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के पुरुष व महिला चिकित्सालय में मेडिकल वेस्ट व अन्य कचरे को सुरक्षित रखने के लिए एक-एक बॉयोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन व डिस्पोजल कक्ष बनाया गया है। फिर भी कचरा खुले में फेंका जा रहा है। इन कक्षों में अलग-अलग तरह के कचरों को रखने के लिए भिन्न-भिन्न बॉक्स भी रखे गए हैं। बॉयो मेडिकल वेस्ट कलेक्शन व डिस्पोजल कक्ष से मेडिकल वेस्ट का कलेक्शन करने के लिए सप्ताह में दो दिन बाहर से एक एजेंसी को कचरा ले जाने की जिम्मेदारी दी गई है। फिर भी कचरा खुले में फेंका जाता है। इसमें इस्तेमाल की हुई सिरिंज, पट्टी, रुई, प्लास्टर, दवा व इंजेक्शन की शीशियां समेत अन्य कचरा रहता है। इस समय जहां यह कचरा फेंका जा रहा है, उसके बगल ही बर्न व सेप्टिक वार्ड भी स्थित है। कचरे की दुर्गंध से यहां पर आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मियों की लापरवाही से यहां पर अव्यवस्था व संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन