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Sultanpur News: गर्डर टूटने से दरक रहा गोमती पुल
Sun, 25 Jun 2023 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 25 Jun 2023 11:28 PM IST
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सुल्तानपुर टाटियानगर पुल का टूटा गर्डर । -संवाद
सुल्तानपुर। टांडा-बांदा हाईवे पर टाटियानगर के पास गोमती पुल का एक गर्डर टूटने से छत दरकती जा रही है। सप्ताह भर बाद भी मरम्मत कार्य शुरू न होने से भारी वाहनों के आवागमन से गर्डर के पास गड्ढा हो गया है। पुल की छत काफी दूर में टूट गई है। इससे भारी वाहनों के आवागमन के दौरान खतरा बढ़ता जा रहा है। मरम्मत के छह माह बाद फिर गर्डर टूटने व छत दरकने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया है।
टाटियानगर के पास गोमती पुल का मरम्मत कार्य करीब छह माह पहले नवंबर 2022 से शुरू कराया गया था। करीब दो माह रूट डायवर्जन के बाद पुल का मरम्मत कार्य फरवरी में पूरा हो सका था। इसके तीन माह बाद ही एक गर्डर टूट गया था। एनएचएआई ने अप्रैल में गर्डर की मरम्मत कराते हुए आवागमन चालू कर दिया था। करीब सप्ताह भर पहले एक गर्डर फिर टूट गया।
गर्डर टूटने से भारी वाहनों के आवागमन से पुल की छत दरकने लगी है। पुल की छत काफी दूर में क्षतिग्रस्त होने से सरिया बाहर आ गई है। गर्डर के पास छत पर बना गड्ढा बढ़ता जा रहा है। इससे दिन में वाहनों को धीमी गति से गुजरना पड़ रहा है।
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हालांकि रात के समय भारी वाहनों के तेज गति से गुजरने के दौरान टूटा गर्डर चालक देख नहीं पाते हैं। भारी वाहनों के लगातार गुजरने से पुल पर खतरा बढ़ता जा रहा है। छह माह के भीतर दोबारा गर्डर टूटने से एनएचएआई की ओर से कराया गया मरम्मत कार्य सवालों के घेरे में आ गया है।
जल्द की गर्डर व छत की मरम्मत कराई जाएगी
प्रकरण की जानकारी मिली है। इंजीनियर को भेजकर पुल की जांच कराई जा चुकी है। जल्द की गर्डर व पुल की छत की मरम्मत कराई जाएगी। पिछली बार कराई गई मरम्मत के बाद वाहनों का आवागमन जल्द शुरू होने की वजह से समस्या आई है।
-एसबी सिंह, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई
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टाटियानगर के पास गोमती पुल का मरम्मत कार्य करीब छह माह पहले नवंबर 2022 से शुरू कराया गया था। करीब दो माह रूट डायवर्जन के बाद पुल का मरम्मत कार्य फरवरी में पूरा हो सका था। इसके तीन माह बाद ही एक गर्डर टूट गया था। एनएचएआई ने अप्रैल में गर्डर की मरम्मत कराते हुए आवागमन चालू कर दिया था। करीब सप्ताह भर पहले एक गर्डर फिर टूट गया।
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गर्डर टूटने से भारी वाहनों के आवागमन से पुल की छत दरकने लगी है। पुल की छत काफी दूर में क्षतिग्रस्त होने से सरिया बाहर आ गई है। गर्डर के पास छत पर बना गड्ढा बढ़ता जा रहा है। इससे दिन में वाहनों को धीमी गति से गुजरना पड़ रहा है।
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हालांकि रात के समय भारी वाहनों के तेज गति से गुजरने के दौरान टूटा गर्डर चालक देख नहीं पाते हैं। भारी वाहनों के लगातार गुजरने से पुल पर खतरा बढ़ता जा रहा है। छह माह के भीतर दोबारा गर्डर टूटने से एनएचएआई की ओर से कराया गया मरम्मत कार्य सवालों के घेरे में आ गया है।
जल्द की गर्डर व छत की मरम्मत कराई जाएगी
प्रकरण की जानकारी मिली है। इंजीनियर को भेजकर पुल की जांच कराई जा चुकी है। जल्द की गर्डर व पुल की छत की मरम्मत कराई जाएगी। पिछली बार कराई गई मरम्मत के बाद वाहनों का आवागमन जल्द शुरू होने की वजह से समस्या आई है।
-एसबी सिंह, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई