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Sultanpur News: दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर नीशू तोमर की उन्मोचन अर्जी खारिज
Thu, 18 Sep 2025 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 18 Sep 2025 12:54 AM IST
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सुल्तानपुर। महिला आरक्षी से दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम जज जलाल मोहम्मद अकबर की अदालत का बुधवार को आरोपी इंस्पेक्टर नीशू तोमर की उन्मोचन अर्जी (अपराध से मुक्त करने) पर फैसला सामने आया। कोर्ट ने आरोपी इंस्पेक्टर की उन्मोचन अर्जी को निराधार पाते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने आरोप तय करने की सुनवाई के लिए 25 सितंबर को नीशू तोमर को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
कोतवाली नगर में महिला आरक्षी ने 14 जुलाई 2022 को इंस्पेक्टर नीशू तोमर के खिलाफ यौन शोषण समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में लंबे समय तक नीशू तोमर गैरहाजिर रहे। करीब डेढ़ वर्ष तक मामले की तफ्तीश चली। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर ने अपनी जांच पूरी करते हुए सामान्य धाराओं में आरोप पत्र पेश किया था। पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाते हुए पीड़िता आरक्षी ने सीजेएम कोर्ट में प्रोटेस्ट अर्जी देकर आपत्ति जताई। सीजेएम ने आठ अप्रैल 2024 को पुलिस की विवेचना में कमी पाते हुए आरोपी नीशू तोमर को दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में सुनवाई के लिए तलब करने का आदेश जारी कर दिया।
सीजेएम कोर्ट के इस आदेश को नीशू तोमर ने जिला जज की अदालत में चुनौती दी। 27 जून 2024 को जिला जज की कोर्ट ने भी उनकी निगरानी अर्जी खारिज कर दी। उन्होंने राहत पाने के लिए हाईकोर्ट में भी याचिका दायर किया। उसे भी हाईकोर्ट ने चार सितंबर 2024 को खारिज कर दिया। अंत में उन्हें कोर्ट की कार्यवाही का सामना करना पड़ा, और उन्हें हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली। इस मामले का ट्रायल एफटीसी प्रथम की अदालत में चल रहा है, जहां पर नीशू तोमर ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए उन्मोचन अर्जी दी थी। पिछली पेशी पर दोनों पक्षों को सुनकर अदालत ने आदेश सुरक्षित कर लिया था।
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कोतवाली नगर में महिला आरक्षी ने 14 जुलाई 2022 को इंस्पेक्टर नीशू तोमर के खिलाफ यौन शोषण समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में लंबे समय तक नीशू तोमर गैरहाजिर रहे। करीब डेढ़ वर्ष तक मामले की तफ्तीश चली। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर ने अपनी जांच पूरी करते हुए सामान्य धाराओं में आरोप पत्र पेश किया था। पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाते हुए पीड़िता आरक्षी ने सीजेएम कोर्ट में प्रोटेस्ट अर्जी देकर आपत्ति जताई। सीजेएम ने आठ अप्रैल 2024 को पुलिस की विवेचना में कमी पाते हुए आरोपी नीशू तोमर को दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में सुनवाई के लिए तलब करने का आदेश जारी कर दिया।
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सीजेएम कोर्ट के इस आदेश को नीशू तोमर ने जिला जज की अदालत में चुनौती दी। 27 जून 2024 को जिला जज की कोर्ट ने भी उनकी निगरानी अर्जी खारिज कर दी। उन्होंने राहत पाने के लिए हाईकोर्ट में भी याचिका दायर किया। उसे भी हाईकोर्ट ने चार सितंबर 2024 को खारिज कर दिया। अंत में उन्हें कोर्ट की कार्यवाही का सामना करना पड़ा, और उन्हें हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली। इस मामले का ट्रायल एफटीसी प्रथम की अदालत में चल रहा है, जहां पर नीशू तोमर ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए उन्मोचन अर्जी दी थी। पिछली पेशी पर दोनों पक्षों को सुनकर अदालत ने आदेश सुरक्षित कर लिया था।
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