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Sultanpur News: विद्युत निगम से जारी 2.81 लाख का डिमांड नोटिस किया निरस्त
Sun, 03 Aug 2025 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:10 AM IST
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सुल्तानपुर। स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन राधेश्याम यादव, सदस्य मृदुला राय व रमेशचंद्र यादव ने परिवादिनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विद्युत निगम को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने विद्युत निगम से परिवादिनी सुषमा के खिलाफ बिजली बिल वसूली को लेकर जारी 2,81,730 रुपये की डिमांड नोटिस को शून्य करार दिया है।
कोतवाली नगर के कस्बा केएनआई निवासी सुषमा पत्नी धनराज यादव ने स्थायी लोक अदालत में परिवाद दाखिल किया। आरोप के मुताबिक, उन्होंने सात फरवरी 2014 को घरेलू बिजली का कनेक्शन लिया था, जिसका लगातार बिल जमा करती रहीं। आरोप के मुताबिक, साल 2020 में उनका बिल 19362 रुपये था। इसके बाद विभाग के अभियान के अंतर्गत पुराना मीटर बदलकर नया मीटर लगाया गया।
साल 2024 में फिर मीटर बदल दिया गया और उन पर मनमानी तरीके से बिजली बिल की देनदारी दिखाते हुए धीरे-धीरे बढ़ाकर 2,81,730 रुपये कर दी गई। सुषमा के मुताबिक, इस मनमानी के संबंध में विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशान होकर उन्होंने ने स्थायी लोक अदालत की शरण ली। अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए विद्युत निगम से जारी डिमांड नोटिस को गलत मानते हुए निरस्त करने का आदेश दिया है।
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कोतवाली नगर के कस्बा केएनआई निवासी सुषमा पत्नी धनराज यादव ने स्थायी लोक अदालत में परिवाद दाखिल किया। आरोप के मुताबिक, उन्होंने सात फरवरी 2014 को घरेलू बिजली का कनेक्शन लिया था, जिसका लगातार बिल जमा करती रहीं। आरोप के मुताबिक, साल 2020 में उनका बिल 19362 रुपये था। इसके बाद विभाग के अभियान के अंतर्गत पुराना मीटर बदलकर नया मीटर लगाया गया।
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साल 2024 में फिर मीटर बदल दिया गया और उन पर मनमानी तरीके से बिजली बिल की देनदारी दिखाते हुए धीरे-धीरे बढ़ाकर 2,81,730 रुपये कर दी गई। सुषमा के मुताबिक, इस मनमानी के संबंध में विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशान होकर उन्होंने ने स्थायी लोक अदालत की शरण ली। अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए विद्युत निगम से जारी डिमांड नोटिस को गलत मानते हुए निरस्त करने का आदेश दिया है।
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