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Sultanpur News: जियो इंफॉर्मेटिक्स सिस्टम से आसान हो रहा डाटा संकलन
Wed, 24 Sep 2025 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 24 Sep 2025 12:45 AM IST
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केएनआईटी में आयोजित सेमिनॉर में मौजूद शिक्षक व विद्यार्थी।-
सुल्तानपुर। रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर लखनऊ के वैज्ञानिक डॉ. सुधाकर शुक्ला ने मंगलवार को केएनआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सेमिनॉर में हिस्सा लिया। उन्होंने जियो इन्फॉर्मेटिक्स फॉर सिविल इंजीनियर्स विषय पर बोलते हुए कहा कि जीआईएस (जियो इंफॉर्मेटिक्स सिस्टम) का उपयोग बाढ़ की निगरानी और प्रबंधन, कृषि विकास, वन संरक्षण, ग्लेशियर अध्ययन व भूस्खलन के अध्ययन में किया जा रहा है। यह डाटा संकलन के लिए बहुत उपयोगी है।
उन्होंने तकनीकों, रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट्स व जीआईएस के विभिन्न प्रयोगों पर विस्तृत चर्चा की। कहा कि विभिन्न विभागों से लिए गए डाटा को जियो इन्फॉर्मेटिक्स की आधुनिक तकनीकों से जोड़कर बेहतर निर्णय और नीतिगत योजना बनाई जा सकती है।
विभागाध्यक्ष डॉ. यूके माहेश्वरी ने कहा कि भविष्य की सिविल इंजीनियरिंग, जियो इन्फॉर्मेटिक्स और रिमोट सेंसिंग तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर आधारित होगी। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रुचिन अग्रवाल ने कहा कि छात्रों को जियो इन्फॉर्मेटिक्स के सिद्धांत और व्यावहारिक पहलुओं का ज्ञान प्राप्त हुआ है। इस मौके पर केएनआईटी के डायरेक्टर डॉ. आरके उपाध्याय, डॉ. चित्रभुज, प्रो. राम आशीष, प्रो. विकास गौतम, प्रो. शुभ्रा उपाध्याय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने तकनीकों, रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट्स व जीआईएस के विभिन्न प्रयोगों पर विस्तृत चर्चा की। कहा कि विभिन्न विभागों से लिए गए डाटा को जियो इन्फॉर्मेटिक्स की आधुनिक तकनीकों से जोड़कर बेहतर निर्णय और नीतिगत योजना बनाई जा सकती है।
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विभागाध्यक्ष डॉ. यूके माहेश्वरी ने कहा कि भविष्य की सिविल इंजीनियरिंग, जियो इन्फॉर्मेटिक्स और रिमोट सेंसिंग तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर आधारित होगी। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रुचिन अग्रवाल ने कहा कि छात्रों को जियो इन्फॉर्मेटिक्स के सिद्धांत और व्यावहारिक पहलुओं का ज्ञान प्राप्त हुआ है। इस मौके पर केएनआईटी के डायरेक्टर डॉ. आरके उपाध्याय, डॉ. चित्रभुज, प्रो. राम आशीष, प्रो. विकास गौतम, प्रो. शुभ्रा उपाध्याय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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