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Sultanpur News: सभी 226 बेड फुल, बरामदे में मरीजों का किया जा इलाज

Thu, 19 Sep 2024 04:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Thu, 19 Sep 2024 04:34 AM IST
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All 226 beds full, patients are being treated in the verandah.
सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में बेड फुल होने के बाद बरामदे में भर्ती मरीज।
सुल्तानपुर। संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ते ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों की आमद बढ़ गई है। तीन दिनों की छुट्टी के बाद बुधवार को ओपीडी शुरू हुई तो स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गईं। ओपीडी में लगी लंबी कतार के बीच लोग फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। रोगियों से मेडिकल कॉलेज के सभी 226 बेड फुल हो गए हैं। निजी वार्ड के बरामदे में 13 अतिरिक्त बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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बारिश के बाद निकल रही तेज धूप से सर्दी, खांसी, बुखार, त्वचा रोग, दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में बुधवार को 635 मरीजों का इलाज किया गया। पुरुष अस्पताल की ओपीडी में 1,820 नए मरीजों का इलाज हुआ, जबकि 950 के करीब पुराने मरीज आए। यही हाल महिला अस्पताल का भी है। यहां 555 नए मरीज आए, जबकि 250 पुराने मरीजों का इलाज किया गया।
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मरीजों की तादाद बढ़ने से पंजीकरण व दवा वितरण काउंटर की व्यवस्था चरमरा गई। दवा वितरण केंद्र पर केवल एक महिला और एक पुरुष काउंटर है। इसकी वजह से मरीजों को पर्चा व दवा के लिए धूप में घंटों खड़े रहना पड़ा। फिजीशियन डॉ. एसके यादव ने बताया कि इस समय दस्त, बुखार व खांसी के सबसे ज्यादा मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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ओपीडी में फर्श पर बैठने को मजबूर मरीज
ओपीडी में बेंच की कमी है। मरीजों की भारी भीड़ होने से जगह कम पड़ने लगी है। मरीज व तीमारदार फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंंतजार करते हैं। फर्श पर बैठने से उनको दिक्कत होती है।





टैक्सी स्टैंड बना मेडिकल कॉलेज

मेडिकल कॉलेज परिसर अनाधिकृत वाहनों का स्टैंड बन गया है। निर्माण के चलते यहां एक ही द्वार खुलता है। दूसरा द्वार बंद है। इमरजेंसी से लेकर निर्माणाधीन परिसर तक वाहन खड़े कर लोग गायब हो जाते हैं, इससे एंबुलेंस को निकलने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। ई रिक्शा और निजी वाहनों के आने-जाने से दिनभर अस्पताल परिसर में जाम लगा रहता है।






जाम से निपटने के लिए लगाए गए पुलिसकर्मी



समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माण के चलते एक ही आने-जाने का रास्ता है। गेट के अंदर व परिसर में वाहन खड़ा करने वालों की जांच की जाएगी। जाम से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों की सहायता ली जा रही है। जाम की समस्या खत्म होने में कुछ समय लगेगा।

डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुल्तानपुर।
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