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Sonebhadra News: निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा, मुकदमा दर्ज

Wed, 10 Sep 2025 02:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:00 AM IST
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Uproar over death of mother and child in private hospital, case filed
सोनभद्र। जिले के निजी अस्पतालों में मरीजों की मौत और लापरवाही के मामले नहीं थम रहे। चुर्क मोड़ स्थित रामा हास्पिटल में मंगलवार को जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। परिजनों की तहरीर पर अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के देवरी गांव निवासी पूनम देवी (25) को छह सितंबर को प्रसव के लिए रामा हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि महिला ने वहां मृत बच्चे को जन्म दिया। इसके कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। लगातार रक्तस्राव और ऑक्सीजन का स्तर कम होने पर उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान महिला की सोमवार की देर शाम मौत हो गई।
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मंगलवार को शव लेकर लौटे परिजन रामा हास्पिटल में उपचार के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ सिटी रणधीर मिश्र ने बताया कि महिला को प्रसव के लिए रामा हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां से हालत गंभीर होने पर वाराणसी भेज दिया गया था। वाराणसी के एलके अस्पताल में महिला की मौत हो गई। परिजनों ने रामा हास्पिटल में उपचार के दौरान ही लापरवाही बरते जाने की शिकायत की है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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सरकारी अस्पताल आए थे परिजन, बिचौलिये ले गए निजी अस्पताल
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के लौअरिया गांव निवासी पूनम का विवाह पांच साल पहले रामरतन से हुआ था। मां शीला देवी ने बताया कि पूनम को पहला बच्चा होने वाला था। वह उसे प्रसव के लिए लोढ़ी स्थित सरकारी अस्पताल लाए थे, लेकिन वहां से कुछ बिचौलिए बेहतर उपचार का झांसा देकर उरमौरा स्थित निजी अस्पताल ले गए। बच्चा मृत पैदा हुआ। इसके बाद डॉक्टर ने आनन-फानन टांका लगा दिया। इससे लगातार रक्तस्राव होता रहा। बाद में एंबुलेंस बुलाकर वाराणसी के अपने बताए अस्पताल में भेज दिया गया।
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पेट में ही मर गया था बच्चा, नहीं हुई लापरवाही
रामा हास्पिटल के संचालक डॉ. सिद्धार्थ शंकर मिश्र ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना था कि महिला के पेट में ही बच्चा मर गया था। इसकी जानकारी परिवार के सदस्यों को पहले ही हो गई थी। लोढ़ी में घंटों बाद भी उपचार न मिलने पर वह किसी परिचित के माध्यम से उनके अस्पताल में आए थे। महिला के उपचार में कोई कोताही नहीं बरती गई। 24 घंटे तक उसकी स्थिति अच्छी थी। बाद में उसे ब्लड की जरूरत हुई, लेकिन परिवार वाले समय से उपलब्ध नहीं करा पाए।

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48 घंटे के अंदर हुई दूसरी घटना
सुरक्षित प्रसव और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए चल रही कवायदों के बीच पिछले 48 घंटे के अंदर जिले में जच्चा-बच्चा की मौत की दूसरी घटना है। इससे पहले बभनी सीएचसी पर रजमिलान गांव निवासी देवमती (32) और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई थी। महिला अपने मायके बभनी के मजीठ गांव आई थी। गर्भावस्था के दौरान उसे सिर्फ एक टीका ही लगा था। इसमें आशा और एएनएम की भी कमी सामने आई थी। बता दें कि चार दिन पहले ही बीजपुर में अस्पताल के गेट पर महिला को प्रसव हुआ था, जबकि उसके अगले दिन ओबरा में महिला ने बोलेरो में बच्चे को जन्म दिया था।
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