फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Traders want relief from the complexity of freight transportation and GST

Sonebhadra News: माल ढुलाई और जीएसटी की जटिलता से राहत चाहते हैं व्यापारी

Thu, 30 Jan 2025 11:25 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:25 PM IST
विज्ञापन
Traders want relief from the complexity of freight transportation and GST
अनपरा। केंद्रीय बजट से क्षेत्र के व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। वह जीएसटी की जटिलताओं से राहत चाहते हैं। टैक्स प्रणाली को सरल बनाने के साथ ही महंगाई, माल ढुलाई की दिक्कतों के लिए भी अच्छे प्रबंध की जरूरत बता रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि सरकार बजट में उनके हितों का ध्यान रखे तो बेहतर होगा।
विज्ञापन


व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी से एक ओर थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन इसमें अभी भी सुधार की आवश्यकता है। जीएसटी लेना जितना आसान हो गया है उसकी फाइलिंग उतनी ही जटिल है। इसके लिए लोगों को आज भी सीए और वकील ही निर्भर रहना पड़ता है। एकाउंटिंग के लिए अलग से एक स्टाफ रखना पड़ता है। देर होने या कोई एंट्री छूटने पर नोटिस और पेनाल्टी लगती है। सरकार को जीएसटी फाइलिंग की प्रक्रिया को और आसान बनाना चाहिए। साथ ही ऑनलाइन बाजार की वजह से दुकानदारों को काफी नुकसान हो रहा है। इसके लिए भी सरकार को कुछ उपाय करना चाहिए।
विज्ञापन

---
जीएसटी में जीएसटी आर 1 और 3 बी अलग-अलग भरना पड़ता है। इसके बाद वार्षिक रिटर्न अलग भरना पड़ता है। इसके लिए दुकान में अलग से स्टाफ रखना पड़ता है। सरकार को जीएसटी में सुधार कर दिया जाए तो रिटर्न भरने में काफी सहूलियत होगी। -विकास कुमार, इलेक्ट्रानिक दुकानदार।
विज्ञापन
विज्ञापन


---
50 हजार से ऊपर माल कहीं भी भेजने के लिए ई वे बिल बनाना पड़ता है। इसके लिए वाहन का विवरण भरना पड़ता है। मौके पर कोई वाहन नहीं मिलता है। इसलिए कई व्यापारी परियोजनाओं और थोक सामान सप्लाई नहीं करते। सरकार को ई वे बिल में सुधार करना चाहिए। -बाल गोपाल चौरसिया, व्यापार मंडल अध्यक्ष अनपरा।

--
ऑनलाइन बाजार में सस्ते सामान मिलने की वजह से बाजार में ग्राहकों की कमी हो गई है। इससे छोटे व्यापारियों का व्यापार टूट गया है। कई दुकानदारों ने तो दुकान बंद कर नौकरी पकड़ ली। छोटे व्यापारियों के लिए सरकार को सोचना चाहिए। -सत्य नारायण केशरी, कपड़ा दुकानदार।


---
ग्राहकों को बिल काटने के बाद जीएसटी में अलग से इंट्री करनी पड़ती है। इसमें काफी परेशानी होती है। अलग-अलग टैक्स वाली बिल की गलत इंट्री करने पर नोटिस आता है। अगर बिलिंग साफ्टवेयर को जीएसटी से जोड़ दिया जाए फाइलिंग में आसानी होगी। - अमित गट्टानी दुकानदार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed