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Sonebhadra News: त्योहार मनाने घर चले गए मजदूर, इसलिए गड्ढे नहीं भर पाए
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अनपरा। सरकार ने त्योहारों से पहले सड़कों के गड्ढे भरने का निर्देश दिया था। इसके लिए 31 अक्तूबर की डेडलाइन तय की थी। अफसरों की सुस्ती और उदासीनता का हाल यह है कि समय बीतने के 10 दिन बाद भी नेशनल हाईवे के गड्ढे नहीं भरे जा सके हैं। वहीं अफसरों का कहना है कि त्योहार मनाने मजदूर घर नहीं गए होते तो सारे गड्ढे भर दिए जाते।
रांची-रीवा मार्ग पर सिर्फ अनपरा से सिंगरौली के बीच सड़क पर 15 किमी में 30 से अधिक खतरनाक गड्ढे हैं। इन गड्ढों के कारण दो दिन पहले छठ पूजा का सामान लेकर लौट रहे दामाद की सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जबकि ससुर घायल हुआ था।
औड़ीमोड़ के नेहरू चौक पर रेलवे पुल के नीचे, डिबुलगंज में साप्ताहिक बाजार के सामने और मड़ैया के समीप मोड़ पर गड्ढे बरकरार हैं। गड्ढों के कारण भारी वाहनों के खराब होने से जाम भी लग जाता है। लगातार शिकायतों और शासन के निर्देश के बावजूद अभी तक सड़के गड्ढा मुक्त न होने से राहगीर परेशान हैं।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से गड्ढों को भरने का काम भी अक्तूबर में डीएम के निरीक्षण के बाद शुरू कराया गया। शक्तिनगर में परियोजनाओं के अफसरों के साथ बैठक करने आए डीएम ने एनएच के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी। बावजूद सड़कों का हाल बेहाल है। अनपरा से सिंगरौली के अलावा रेणुकूट की तरफ भी जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। रेणुकूट कृष्णा मंदिर के सामने और मड़ैया मोड़ के पास गड्ढों में सोलिंग डालकर छोड़ दिया गया है।
हाईवे पर गड्ढों से आए दिन राहगीर गिरकर घायल होते रहते हैं। दुर्घटना में मृत्यु के बाद उच्चाधिकारियों की ओर से गड्ढों को भरने का आश्वासन दिया जाता है। बावजूद जिम्मेदारों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा। -प्रदीप जायसवाल, रहवासी।
हाईवे के गड्ढों के कारण भारी वाहनों के खराब होने व गड्ढों में फंसने के कारण आए दिन जाम लगता है। जाम के कारण स्कूली बच्चों, नौकरी पेशा, मरीजों के साथ अन्य लोग अपने गंतव्य तक देरी से पहुंचते हैं। - कुशाग्र मिश्रा, रहवासी।
लगातार ओवरलोड के चलते हाईवे पर गड्ढे हो गए हैं। रोजमर्रा के जीवन में यहां के रहने वाले लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार मौन हैं। -प्रशांत सिंह, रहवासी।
औड़ी से लेकर हाथीनाला तक की सड़क किलर रोड बन गई है। आए दिन दुर्घटना में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। सुरक्षा के लिहाज से हाईवे को फोरलेन करना अतिआवश्यक है। - प्रकाश यादव, रहवासी।
गड्ढामुक्ति का कार्य समय से शुरू कराया गया था। बीच में त्योहार पर मजदूर छुट्टी लेकर घर चले गए। जिससे काम रुक गया था। शनिवार से गड्ढों को भरने काम फिर शुरू हो गया है। जल्द ही सभी गड्ढों को भर पैचिंग कार्य पूरा किया जाएगा। - देवेंद्र पाल सिंह, एक्सईएन एनएच-39
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रांची-रीवा मार्ग पर सिर्फ अनपरा से सिंगरौली के बीच सड़क पर 15 किमी में 30 से अधिक खतरनाक गड्ढे हैं। इन गड्ढों के कारण दो दिन पहले छठ पूजा का सामान लेकर लौट रहे दामाद की सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जबकि ससुर घायल हुआ था।
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औड़ीमोड़ के नेहरू चौक पर रेलवे पुल के नीचे, डिबुलगंज में साप्ताहिक बाजार के सामने और मड़ैया के समीप मोड़ पर गड्ढे बरकरार हैं। गड्ढों के कारण भारी वाहनों के खराब होने से जाम भी लग जाता है। लगातार शिकायतों और शासन के निर्देश के बावजूद अभी तक सड़के गड्ढा मुक्त न होने से राहगीर परेशान हैं।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से गड्ढों को भरने का काम भी अक्तूबर में डीएम के निरीक्षण के बाद शुरू कराया गया। शक्तिनगर में परियोजनाओं के अफसरों के साथ बैठक करने आए डीएम ने एनएच के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी। बावजूद सड़कों का हाल बेहाल है। अनपरा से सिंगरौली के अलावा रेणुकूट की तरफ भी जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। रेणुकूट कृष्णा मंदिर के सामने और मड़ैया मोड़ के पास गड्ढों में सोलिंग डालकर छोड़ दिया गया है।
हाईवे पर गड्ढों से आए दिन राहगीर गिरकर घायल होते रहते हैं। दुर्घटना में मृत्यु के बाद उच्चाधिकारियों की ओर से गड्ढों को भरने का आश्वासन दिया जाता है। बावजूद जिम्मेदारों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा। -प्रदीप जायसवाल, रहवासी।
हाईवे के गड्ढों के कारण भारी वाहनों के खराब होने व गड्ढों में फंसने के कारण आए दिन जाम लगता है। जाम के कारण स्कूली बच्चों, नौकरी पेशा, मरीजों के साथ अन्य लोग अपने गंतव्य तक देरी से पहुंचते हैं। - कुशाग्र मिश्रा, रहवासी।
लगातार ओवरलोड के चलते हाईवे पर गड्ढे हो गए हैं। रोजमर्रा के जीवन में यहां के रहने वाले लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार मौन हैं। -प्रशांत सिंह, रहवासी।
औड़ी से लेकर हाथीनाला तक की सड़क किलर रोड बन गई है। आए दिन दुर्घटना में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। सुरक्षा के लिहाज से हाईवे को फोरलेन करना अतिआवश्यक है। - प्रकाश यादव, रहवासी।
गड्ढामुक्ति का कार्य समय से शुरू कराया गया था। बीच में त्योहार पर मजदूर छुट्टी लेकर घर चले गए। जिससे काम रुक गया था। शनिवार से गड्ढों को भरने काम फिर शुरू हो गया है। जल्द ही सभी गड्ढों को भर पैचिंग कार्य पूरा किया जाएगा। - देवेंद्र पाल सिंह, एक्सईएन एनएच-39