{"_id":"632218beb195b5312166c3f1","slug":"ten-years-in-prison-for-raping-a-teenager-fine-of-40-thousand-rupees-sonbhadra-news-vns674239691","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की कैद, 40 हजार रुपये अर्थदंड भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की कैद, 40 हजार रुपये अर्थदंड भी
विज्ञापन
साढ़े सात वर्ष पहले किशोरी (13) से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनभद्र निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को दस साल कैद की सजा सुनाई है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 27 फरवरी 2015 को एसपी को शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी 19 फरवरी की रात 11 बजे जब शौच के लिए घर से बाहर निकली तभी दुद्धी निवासी सोनू मौर्या उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। कोतवाली पुलिस ने 28 फरवरी को पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की।
विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषसिद्ध पाकर सोनू को 10 साल की कैद और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह एडवोकेट ने बहस की।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 27 फरवरी 2015 को एसपी को शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी 19 फरवरी की रात 11 बजे जब शौच के लिए घर से बाहर निकली तभी दुद्धी निवासी सोनू मौर्या उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। कोतवाली पुलिस ने 28 फरवरी को पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की।
विज्ञापन
विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषसिद्ध पाकर सोनू को 10 साल की कैद और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह एडवोकेट ने बहस की।
विज्ञापन