{"_id":"5ba27e14867a557ecb2eb407","slug":"state-womens-commission-reviewed-the-cases-of","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला उत्पीड़न के प्रकरणों का करें समयबद्ध निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला उत्पीड़न के प्रकरणों का करें समयबद्ध निस्तारण
sonbhadra
Updated Wed, 19 Sep 2018 10:19 PM IST
विज्ञापन
राबर्ट्सगंज पीडब्लूडी डाक बगला में जन सुनवाई करती महिला आयोग की सदस्या ।
- फोटो : sonbhadra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र । राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सचान ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में महिला उत्पीड़न संबंधी समीक्षा बैठक ली। महिला उत्पीडन से संबंधित मामलों की जानकारी लेने के बाद एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, एएसपी अरूण कुमार दीक्षित को सहेजा कि महिला उत्पीडन के प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करवाते हुए उनके मान-सम्मान को बनाए रखें।
यहां के बाद वह सर्वोदय बाल गृह शिशु पहुंची। निरीक्षण के दौरान पाया कि बाल गृह शिशु की क्षमता 10 शिशुओं की है। इस समय पांच शिशुओं का पंजीकरण है। इसमें एक का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने बाल गृह बालिका उरमौरा का भी निरीक्षण किया। पाया कि बाल गृह बालिका की क्षमता 50 है। मौजूदा समय 11 बालिकाओं का पंजीकरण है।
बाल गृह बालक का भी निरीक्षण किया और क्षमता 50 के मुकाबले मौजूदा समय पंजीकृत 11 बालकों के बेहतर देखभाल की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि जिले में महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं की हर महीने के तीसरे बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में यथा संभव सुनवाई की जाएगी।
विज्ञापन
इस मौके पर एसडीएम सदर शादाब असलम, सीओ विवेकानंद तिवारी, सूर्य यादव, राजेश सिंह, रंजना सिंह, सोनी रावत, उदयनाथ सिंह, आशुतोष चतुर्वेदी, सुनील सिंह, ओमप्रकाश दूबे, रंजना मणि, मंजू गिरि, मनीष राय, अजीत रावत, रूबी गुप्ता, गुडिय़ा वर्मा आदि की मौजूदगी बनी रही।
विज्ञापन
यहां के बाद वह सर्वोदय बाल गृह शिशु पहुंची। निरीक्षण के दौरान पाया कि बाल गृह शिशु की क्षमता 10 शिशुओं की है। इस समय पांच शिशुओं का पंजीकरण है। इसमें एक का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने बाल गृह बालिका उरमौरा का भी निरीक्षण किया। पाया कि बाल गृह बालिका की क्षमता 50 है। मौजूदा समय 11 बालिकाओं का पंजीकरण है।
विज्ञापन
बाल गृह बालक का भी निरीक्षण किया और क्षमता 50 के मुकाबले मौजूदा समय पंजीकृत 11 बालकों के बेहतर देखभाल की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि जिले में महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं की हर महीने के तीसरे बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में यथा संभव सुनवाई की जाएगी।
विज्ञापन
इस मौके पर एसडीएम सदर शादाब असलम, सीओ विवेकानंद तिवारी, सूर्य यादव, राजेश सिंह, रंजना सिंह, सोनी रावत, उदयनाथ सिंह, आशुतोष चतुर्वेदी, सुनील सिंह, ओमप्रकाश दूबे, रंजना मणि, मंजू गिरि, मनीष राय, अजीत रावत, रूबी गुप्ता, गुडिय़ा वर्मा आदि की मौजूदगी बनी रही।