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Sonebhadra News: साहब! पड़ोसियों के घर जल रही है बिजली, मेरे यहां घंटों से नहीं
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सोनभद्र। साहब, हमारे घर बिजली नहीं है, जबकि पड़ोसियों के घर बत्ती जल रही है। गर्मी में बुरा हाल है, जल्दी ठीक कराइए.... बिजली निगम के कार्यालय में इन दिनों ऐसी शिकायतों की भरमार है। रोज 8-10 लोग ऐसी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगने के बाद तो कोई पुरानी व्यवस्था में सुधार नहीं होने से परेशान हैं। नियमित रूप से बिल जमा करने वाले उपभोक्ता भी अचानक बिजली बंद होने का कारण नहीं समझ पा रहे। अफसर उन्हें बदली व्यवस्था का हवाला देकर मीटर चेक करने की सलाह दे रहे हैं।
मुख्यालय के रॉबर्ट्सगंज नगर में अब तक 15 हजार से अधिक घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी स्मार्ट मीटर लग रहा है। पूर्व में इसे पोस्टपेड मोड में ही संचालित किया जा रहा था। ऐसे में उपभोक्ताओं को रीडिंग के अनुसार बिल आने पर भुगतान करना होता था। अब पिछले माह से व्यवस्था बदलकर प्रीपेड मोड में कर दिया गया है। अब पांच हजार से अधिक बकाया होने पर मीटर से स्वत: बिजली कट जा रही है। पहले मीटर रिचार्ज करने पर बिजली सप्लाई शुरू हो रही है। इन सबसे से उपभोक्ता परेशान हैं। बदली व्यवस्था से अनजान उपभोक्ता अचानक बिजली कटने पर बेहाल हो जा रहे हैं। रॉबर्ट्सगंज नगर के हाइडिल कॉलोनी स्थित उपखंड कार्यालय में बिजली समस्या को लेकर पहुंचे नगर के एक कपड़ा व्यवसायी का कहना था कि वह नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं। बावजूद बिजली कट गई। बिजली निगम के कर्मचारियों से पता चला कि उनका प्रीपेड स्मार्ट मीटर रिचार्ज नहीं है। बिल बकाया होने से बिजली कटी है। वहीं बढ़ौली मोहाल के रहने वाले घनश्याम प्रसाद का कहना है कि उनके प्रतिष्ठान पर अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगा है। पुराने मीटर से ही बिजली सप्लाई हो रही है, मगर कभी भी निगम के कर्मचारी रीडिंग के लिए नहीं आते हैं। मैनुअल तरीके से बिल बनाए जाने से परेशानी हो रही है। रीडिंग के हिसाब से बिल नहीं बनने से उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में दिक्कत हो रही है।
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केस एक::
मेरे यहां घर में अलग और दुकान में अलग बिजली मीटर लगा है। तीन दिन पहले अचानक प्रतिष्ठान की बिजली कट गई। जबकि मीटर में बिजली आ रही है। स्मार्ट मीटर लगने से मध्यम एवं गरीब वर्ग के परिवार ज्यादा परेशान हैं। - पूजा, रॉबर्ट्सगंज।
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केस दो::
मना करने के बाद भी जबरन घर में स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। अब हर माह बिल जमा करने के लिए कहा जा रहा है। जब मीटर पोस्टपैड मोड में था तो उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए समय मिलता था, मगर प्रीपेड मोड में किए जाने के बाद पहले बिल जमा करना पड़ रहा है। इससे परेशानी हो रही है। -नेहा, अंबेडकर नगर।
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वर्जन:
शहरी क्षेत्र में लगे अधिकांश स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड में कनवर्ट हो गए हैं। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता हर महीने के 10 तारीख तक अपना बिल जमा सुनिश्चित करें। बिल का मैसेज मोबाइल पर जाता है, अगर किसी कारणवश बिल का मैसेज नहीं पहुंचा है तो उपभोक्ताओं को स्वत: कार्यालय पहुंचकर बिल जमा करना चाहिए। पुराने मीटर की रीडिंग के लिए कर्मचारी लगाए गए हैं, उनकी जिम्मेदारी हैं की समय से रीडिंग करें। -एसबी ठाकुर, एक्सईएन-रॉबर्ट्सगंज।
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मुख्यालय के रॉबर्ट्सगंज नगर में अब तक 15 हजार से अधिक घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी स्मार्ट मीटर लग रहा है। पूर्व में इसे पोस्टपेड मोड में ही संचालित किया जा रहा था। ऐसे में उपभोक्ताओं को रीडिंग के अनुसार बिल आने पर भुगतान करना होता था। अब पिछले माह से व्यवस्था बदलकर प्रीपेड मोड में कर दिया गया है। अब पांच हजार से अधिक बकाया होने पर मीटर से स्वत: बिजली कट जा रही है। पहले मीटर रिचार्ज करने पर बिजली सप्लाई शुरू हो रही है। इन सबसे से उपभोक्ता परेशान हैं। बदली व्यवस्था से अनजान उपभोक्ता अचानक बिजली कटने पर बेहाल हो जा रहे हैं। रॉबर्ट्सगंज नगर के हाइडिल कॉलोनी स्थित उपखंड कार्यालय में बिजली समस्या को लेकर पहुंचे नगर के एक कपड़ा व्यवसायी का कहना था कि वह नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं। बावजूद बिजली कट गई। बिजली निगम के कर्मचारियों से पता चला कि उनका प्रीपेड स्मार्ट मीटर रिचार्ज नहीं है। बिल बकाया होने से बिजली कटी है। वहीं बढ़ौली मोहाल के रहने वाले घनश्याम प्रसाद का कहना है कि उनके प्रतिष्ठान पर अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगा है। पुराने मीटर से ही बिजली सप्लाई हो रही है, मगर कभी भी निगम के कर्मचारी रीडिंग के लिए नहीं आते हैं। मैनुअल तरीके से बिल बनाए जाने से परेशानी हो रही है। रीडिंग के हिसाब से बिल नहीं बनने से उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में दिक्कत हो रही है।
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केस एक::
मेरे यहां घर में अलग और दुकान में अलग बिजली मीटर लगा है। तीन दिन पहले अचानक प्रतिष्ठान की बिजली कट गई। जबकि मीटर में बिजली आ रही है। स्मार्ट मीटर लगने से मध्यम एवं गरीब वर्ग के परिवार ज्यादा परेशान हैं। - पूजा, रॉबर्ट्सगंज।
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केस दो::
मना करने के बाद भी जबरन घर में स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। अब हर माह बिल जमा करने के लिए कहा जा रहा है। जब मीटर पोस्टपैड मोड में था तो उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए समय मिलता था, मगर प्रीपेड मोड में किए जाने के बाद पहले बिल जमा करना पड़ रहा है। इससे परेशानी हो रही है। -नेहा, अंबेडकर नगर।
वर्जन:
शहरी क्षेत्र में लगे अधिकांश स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड में कनवर्ट हो गए हैं। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता हर महीने के 10 तारीख तक अपना बिल जमा सुनिश्चित करें। बिल का मैसेज मोबाइल पर जाता है, अगर किसी कारणवश बिल का मैसेज नहीं पहुंचा है तो उपभोक्ताओं को स्वत: कार्यालय पहुंचकर बिल जमा करना चाहिए। पुराने मीटर की रीडिंग के लिए कर्मचारी लगाए गए हैं, उनकी जिम्मेदारी हैं की समय से रीडिंग करें। -एसबी ठाकुर, एक्सईएन-रॉबर्ट्सगंज।