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खुलासा: लापता महिला के नाम कर दिया गया पट्टा
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सोनभद्र। जिले में सरकारी भूमि हथियाने के लिए कई हथकंडे अपनाये गए हैं। दुद्धी तहसील क्षेत्र के कांचन गांव में एक अज्ञात महिला के नाम पर भूमि पट्टा कर दी गई। इसका खुलासा एसडीएम की जांच में हुआ है। क्षेत्रीय लेखपाल समेत अन्य कर्मियों की मिलीभगत से महिला के नाम पट्टा हुआ। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने डीएम को पट्टा निरस्त करने और राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संस्तुति रिपोर्ट भेज दी है।
पूर्व में एक व्यक्ति ने एडीएम को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया था कि दुद्धी तहसील क्षेत्र के कांचन गांव में बंजर खाते की भूमि को तहसील कर्मचारियों की संलिप्तता से चंद्रावती के नाम विधि विरुद्ध ढंग से पट्टा करके उसे संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार दे दिया गया है। एडीएम ने मामले की एसडीएम से जांच कराई। एसडीमएम ने अपनी जांच में अवगत कराया है कि चंद्रावती का नाम संक्रमणीय भूमि श्रेणी में दर्ज है।
ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि चंद्रावती नाम की कोई भी महिला वर्तमान में गांव में है ही नहीं। एडीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि बंजर खाते की भूमि को महिला के नाम से भूमि प्रबंधक समिति द्वारा विधि विरुद्ध कृषि आवंटन किया गया है और ये राजस्व कर्मचारी यानी लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की संलिप्तता के बगैर संभव नहीं है। ऐसे में कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
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इस मामले में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि एसडीएम की जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि कांचन गांव में चंद्रावती के नाम से भूमि प्रबंधक समिति ने विधि विरुद्ध आवंटित किया है। इसमें तत्कालीन राजस्व कर्मचारी यानी लेखपाल की संलिप्तता के बगैर भूमि आवंटन किया जाना संभव नहीं है। तत्कालीन राजस्व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई और नियम विरुद्ध किये गये भू-आवंटन को निरस्त करने के लिए आख्या डीएम को भेज दी गई है।
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पूर्व में एक व्यक्ति ने एडीएम को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया था कि दुद्धी तहसील क्षेत्र के कांचन गांव में बंजर खाते की भूमि को तहसील कर्मचारियों की संलिप्तता से चंद्रावती के नाम विधि विरुद्ध ढंग से पट्टा करके उसे संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार दे दिया गया है। एडीएम ने मामले की एसडीएम से जांच कराई। एसडीमएम ने अपनी जांच में अवगत कराया है कि चंद्रावती का नाम संक्रमणीय भूमि श्रेणी में दर्ज है।
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ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि चंद्रावती नाम की कोई भी महिला वर्तमान में गांव में है ही नहीं। एडीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि बंजर खाते की भूमि को महिला के नाम से भूमि प्रबंधक समिति द्वारा विधि विरुद्ध कृषि आवंटन किया गया है और ये राजस्व कर्मचारी यानी लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की संलिप्तता के बगैर संभव नहीं है। ऐसे में कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
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इस मामले में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि एसडीएम की जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि कांचन गांव में चंद्रावती के नाम से भूमि प्रबंधक समिति ने विधि विरुद्ध आवंटित किया है। इसमें तत्कालीन राजस्व कर्मचारी यानी लेखपाल की संलिप्तता के बगैर भूमि आवंटन किया जाना संभव नहीं है। तत्कालीन राजस्व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई और नियम विरुद्ध किये गये भू-आवंटन को निरस्त करने के लिए आख्या डीएम को भेज दी गई है।