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नकदी के लिए मची मारामारी
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Wed, 14 Dec 2016 10:49 PM IST
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राबर्ट्सगंज स्थित इलाहाबाद बैंक में पैसा निकालने के लिए खाताधारकों की लगी कतार।
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नोटबंदी के 36 दिन बाद भी बैंकों में पर्याप्त कैश की उपलब्धता नहीं हो सकी है। इसके चलते बुधवार को भी यूनियन बैंक, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, सिंडीकेट बैंक सहित कई बैंको में खाताधारकों को दो से चार हजार रुपये ही थमाए जाते रहे। वहीं अधिकांश एटीएम के शटर गिरे होने से भी लोगों को खासी मुश्किल हुई। हा
आठ नवंबर की रात से जारी नोटबंदी के बाद बैंको में कैश का उपजा संकट अभी तक बरकरार है। बुधवार को भी सुबह दस बजे जैसे ही बैंको के ताले खुले, रुपये निकासी के लिए कतार लग गई। स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, यूको बैंक, आईसीआईसीआई सहित कुछ बैंको में तो खाताधारकों को दस हजार दिए गए लेकिन शेष बैंकों में दो से चार हजार देकर ही काम चलाया जाता रहा। एटीएम भी सिर्फ स्टेट बैंक का ही खुला रहा। इससे यहां लंबी कतार लगी रही। शाम को एचडीएफसी के भी एटीएम ने कुछ राहत दी। उधर, लीड बैंक प्रबंधक करुणेश कुलश्रेष्ठ का कहना था कि करेंसी का आना तेज हो गया है। बुधवार को कई बैंको को पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराई गई। यूनियन बैंक, यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक में थोड़ी दिक्कत थी। जिसे भी एक-दो दिन में दूर कर लिया गया। एटीएम के सवाल पर कहा कि एक-दो दिन में करेंसी की बड़ी खेप आने की उम्मीद है।
उधर, अनपरा-शक्तिनगर, बीजपुर परिक्षेत्र में भी नोटबंदी के बाद बिगड़े हालत सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऊर्जांचल परिक्षेत्र के लगे पचास से अधिक एटीएम मशीनों में से महज दो-चार एटीएम ही सेवाएं उपलब्ध करा पा रहे हैं। सरकार ने सप्ताह में 24 हजार तक निकासी की अनुमति दी है लेकिन लोगों को मुश्किल से दस-पंद्रह हजार रुपये भी नहीं मिल पा रहे हैं।
आठ नवंबर की रात से जारी नोटबंदी के बाद बैंको में कैश का उपजा संकट अभी तक बरकरार है। बुधवार को भी सुबह दस बजे जैसे ही बैंको के ताले खुले, रुपये निकासी के लिए कतार लग गई। स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, यूको बैंक, आईसीआईसीआई सहित कुछ बैंको में तो खाताधारकों को दस हजार दिए गए लेकिन शेष बैंकों में दो से चार हजार देकर ही काम चलाया जाता रहा। एटीएम भी सिर्फ स्टेट बैंक का ही खुला रहा। इससे यहां लंबी कतार लगी रही। शाम को एचडीएफसी के भी एटीएम ने कुछ राहत दी। उधर, लीड बैंक प्रबंधक करुणेश कुलश्रेष्ठ का कहना था कि करेंसी का आना तेज हो गया है। बुधवार को कई बैंको को पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराई गई। यूनियन बैंक, यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक में थोड़ी दिक्कत थी। जिसे भी एक-दो दिन में दूर कर लिया गया। एटीएम के सवाल पर कहा कि एक-दो दिन में करेंसी की बड़ी खेप आने की उम्मीद है।
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उधर, अनपरा-शक्तिनगर, बीजपुर परिक्षेत्र में भी नोटबंदी के बाद बिगड़े हालत सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऊर्जांचल परिक्षेत्र के लगे पचास से अधिक एटीएम मशीनों में से महज दो-चार एटीएम ही सेवाएं उपलब्ध करा पा रहे हैं। सरकार ने सप्ताह में 24 हजार तक निकासी की अनुमति दी है लेकिन लोगों को मुश्किल से दस-पंद्रह हजार रुपये भी नहीं मिल पा रहे हैं।
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