UP: पीएचसी के बाहर तड़पती रही गर्भवती, गेट पर प्रसव; चिकित्सकों-कर्मियों ने फोन भी नहीं उठाया
यूपी के सोनभद्र जिले में गर्भवती महिला ने पीएचसी के बाहर बच्चे को जन्म दिया। पीएचसी पर ताला बंद था। चिकित्सकों और कर्मचारियों ने आशा कार्यकर्ता का फोन भी नहीं उठाया।
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Sonbhadra News: संस्थागत प्रसव बढ़ाने को लेकर लगातार निर्देश और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की कड़ी हिदायत के बावजूद जिले में शुक्रवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीजपुर में एक गर्भवती पीएचसी पर ताला लटकने के चलते घंटे भर सड़क पर तड़पती रही।
संबंधितों के फोन घनघनाए जाते रहे, बावजूद कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचा। इसके चलते दर्द से छटपटाती महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने सीएचसी अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं।
बीजपुर पुनर्वास बस्ती के रहने वाले सुजीत कुमार की पत्नी मंजू को बीती रात के बाद प्रसव पीड़ा हुई तो उसने आशा कार्यकर्ता से संपर्क साधा। घर पहुंचने के बाद आशा ने तत्काल पीएचसी चलने को कहा और फोन से संबंधित एएनएम को जानकारी दी। रात 2.54 बजे परिवार के लोग गर्भवती को लेकर पीएचसी पहुंचे, लेकिन वहां ताला बंद था।
आरोप है कि संबंधित के फोन लगातार घनघनाए जाते रहे लेकिन कोई स्वास्थ्य कर्मी नजर नहीं आया। दर्द से छटपटा रही महिला को भोर में 3.42 बजे के करीब सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इसके लगभग 20 मिनट बाद एएनएम पहुंची। तब अस्पताल का ताला खोलकर भर्ती की प्रक्रिया अपनाई गई। आरोप है कि लापरवाही के बावजूद परिवार वालों से दस्तूर यानी मिठाई खाने के लिए पैसे मांगे गए।
पीएचसी परिसर में अलग से आवासीय व्यवस्था नहीं है। इसलिए जिस एएनएम के क्षेत्र से प्रसव का मामला सामने आता है, उसे अस्पताल पहुंचकर प्रसव कराना पड़ता है। लापरवाही क्यूं और किस स्तर पर हुई, इसकी जानकारी की जाएगी। - राणा रणधीर प्रभारी पीएचसी बीजपुर।
प्रकरण संज्ञान में है। सीएचसी म्योरपुर के अधीक्षक से जांच रिपोर्ट तलब की गई है। जो स्थिति सामने आएगी, उसके अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।