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दुष्कर्मी को दस साल की कैद: सोनभद्र में किशोरी से किया था दुष्कर्म

Tue, 07 Sep 2021 09:54 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 07 Sep 2021 09:54 PM IST
सार

किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी को दस साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद होगी।

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pocso act court imprisoned of ten years to guilty of sexual assault with teenage girl in Sonbhadra
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : google

विस्तार

सोनभद्र जिले के करमा थाना क्षेत्र में चार वर्ष पहले किशोरी(16) के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी को दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, करमा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 11 जुलाई 2017 को थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी बेटी(16) नौ जुलाई को दोपहर बाद घर से पोखरे पर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह देर शाम तक नहीं आई। जब उसे ढूंढते हुए पोखरे पर गए तो लोगों ने बताया कि उसकी बेटी टेंपो से बैठकर गई है।
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काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। पिता ने थाना क्षेत्र के जोगिनी गांव के ही निवासी रवींद्र पर बेटी को बहला फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। बाद में उसके पास से किशोरी बरामद हुई। पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर विवेचना की और चार्जशीट दाखिल की।

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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर रवींद्र को दोषी पाते हुए 10 साल की कैद एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि एवं सत्यप्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट ने बहस की।

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