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हत्या की झूठी साजिश रचने के आरोप में मां-बेटा गिरफ्तार
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म्योरपुर। ससुराल वालों को मुकदमे में फंसाने के लिए हत्या की झूठी साजिश रचने वाले मां-बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
बभनी के घघरी टोला निवासी लक्ष्मिनिया देवी ने अपने पुत्र मोहर लाल के ससुराल वालों पर बेटे की हत्या कर उसका शव छिपाने का आरोप लगाया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने छह दिसंबर को रामनेवाज, फूलकुंवरी, मुन्नी देवी, रामसुभग व रामलल्लू के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। क्षेत्राधिकारी दुद्धी के निर्देशन में गठित टीम व सर्विलांस टीम के प्रयास पर कथित मृतक मोहर लाल के जीवित होने की जानकारी मिली। जांच में यह पता चला कि कथित मृतक मोहर लाल का अपनी पत्नी व ससुराल पक्ष से विवाद हो गया था। इस पर वह और उसकी मां लक्ष्मिनिया देवी ने ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए षड्यंत्र के तहत ससुराल पक्ष के लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया। मोहरलाल तमिलनाडु में छिपकर रहने लगा। सर्विलांस से पता चला कि मोहरलाल कई मोबाइल नंबरों का प्रयोग कर अपनी मां आदि लोगों से बातचीत करता है। चेन्नई में एक प्राईवेट कंपनी में मजदूर करता है और वह मजदूर लेने के लिए कटनी रेलवे स्टेशन आने वाला है। इसकी जानकारी होने पर थाना म्योरपुर पर गठित टीम ने कटनी पहुंचकर मोहर लाल को जीवित पकड़ लिया। बरामदगी करने वाली पुलिस व सर्विलांस टीम में थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार त्रिपाठी, चौकी प्रभारी लिलासी कुमार सन्तोष, सरोजमा सिंह प्रभारी सर्विलांस टीम आदि शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि आरोपी मां-बेटे के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया।
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बभनी के घघरी टोला निवासी लक्ष्मिनिया देवी ने अपने पुत्र मोहर लाल के ससुराल वालों पर बेटे की हत्या कर उसका शव छिपाने का आरोप लगाया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने छह दिसंबर को रामनेवाज, फूलकुंवरी, मुन्नी देवी, रामसुभग व रामलल्लू के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। क्षेत्राधिकारी दुद्धी के निर्देशन में गठित टीम व सर्विलांस टीम के प्रयास पर कथित मृतक मोहर लाल के जीवित होने की जानकारी मिली। जांच में यह पता चला कि कथित मृतक मोहर लाल का अपनी पत्नी व ससुराल पक्ष से विवाद हो गया था। इस पर वह और उसकी मां लक्ष्मिनिया देवी ने ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए षड्यंत्र के तहत ससुराल पक्ष के लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया। मोहरलाल तमिलनाडु में छिपकर रहने लगा। सर्विलांस से पता चला कि मोहरलाल कई मोबाइल नंबरों का प्रयोग कर अपनी मां आदि लोगों से बातचीत करता है। चेन्नई में एक प्राईवेट कंपनी में मजदूर करता है और वह मजदूर लेने के लिए कटनी रेलवे स्टेशन आने वाला है। इसकी जानकारी होने पर थाना म्योरपुर पर गठित टीम ने कटनी पहुंचकर मोहर लाल को जीवित पकड़ लिया। बरामदगी करने वाली पुलिस व सर्विलांस टीम में थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार त्रिपाठी, चौकी प्रभारी लिलासी कुमार सन्तोष, सरोजमा सिंह प्रभारी सर्विलांस टीम आदि शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि आरोपी मां-बेटे के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया।
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