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Sonebhadra News: 40 हजार से अधिक बच्चों को डीबीटी की धनराशि का इंतजार
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सोनभद्र। जिले के परिषदीय स्कूलों में 40 हजार से अधिक ऐसे बच्चे मौजूद हैं, जिन्हें अब तक डीबीटी की धनराशि नहीं मिल सकी है। इसके लिए उन्हें अभी इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिले में 2061 परिषदीय विद्यालयों में करीब 2.32 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन है। नए सत्र के संचालन के बाद से लाखों बच्चों और उनके अभिभावकों को डीबीटी की धनराशि का इंतजार था, ताकि वे इस धनराशि से बच्चों के लिए ड्रेस, जूता-मोजा आदि सामग्री खरीद सकें। नये सत्र के करीब साढ़े चार माह बाद 18 जुलाई काे शासन की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के बच्चों के लिए धनराशि जारी की गई। इसके तहत जिले के करीब एक लाख 95 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1200 प्रति छात्र की दर से डीबीटी की धनराशि जारी की गई। करीब 40 हजार बच्चों को अभी तक डीबीटी का पैसा नहीं मिलाहै। इन विद्यार्थियों को इस योजना के लाभ के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग ऐसे नामों को जिनका दाखिला तो हआ है, मगर वे प्ररेणा पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं, उनके डाटा को भी सत्यापन कर पोर्टल पर अपलोड कर रहा है। इसके बाद सूची शासन तैयार कर डीबीटी की धनराशि का पैसा दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजेगा।
गुरुजी की बढ़ी पेरशानी
जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले जिन 1.95 लाख बच्चाें के अभिभावकों के खातों में डीबीटी का पैसा भेजा है। अब उन बच्चों के प्रति शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। विभाग डीबीटी के पैसे के सदुपयोग के लिए अभिभावकों को प्रेरित करना है। हालांकि अब शिक्षक परेशान है।
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जिन बच्चों को डीबीटी की धनराश नहीं मिली है। उनकों दूसरे चरण के तहत डीबीटी का पैसा उनके अभिभावकों के खाते में भेजा जाएगा। - नवीन कुमार पाठक, बीएसए।
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जिले में 2061 परिषदीय विद्यालयों में करीब 2.32 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन है। नए सत्र के संचालन के बाद से लाखों बच्चों और उनके अभिभावकों को डीबीटी की धनराशि का इंतजार था, ताकि वे इस धनराशि से बच्चों के लिए ड्रेस, जूता-मोजा आदि सामग्री खरीद सकें। नये सत्र के करीब साढ़े चार माह बाद 18 जुलाई काे शासन की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के बच्चों के लिए धनराशि जारी की गई। इसके तहत जिले के करीब एक लाख 95 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1200 प्रति छात्र की दर से डीबीटी की धनराशि जारी की गई। करीब 40 हजार बच्चों को अभी तक डीबीटी का पैसा नहीं मिलाहै। इन विद्यार्थियों को इस योजना के लाभ के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग ऐसे नामों को जिनका दाखिला तो हआ है, मगर वे प्ररेणा पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं, उनके डाटा को भी सत्यापन कर पोर्टल पर अपलोड कर रहा है। इसके बाद सूची शासन तैयार कर डीबीटी की धनराशि का पैसा दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजेगा।
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गुरुजी की बढ़ी पेरशानी
जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले जिन 1.95 लाख बच्चाें के अभिभावकों के खातों में डीबीटी का पैसा भेजा है। अब उन बच्चों के प्रति शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। विभाग डीबीटी के पैसे के सदुपयोग के लिए अभिभावकों को प्रेरित करना है। हालांकि अब शिक्षक परेशान है।
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जिन बच्चों को डीबीटी की धनराश नहीं मिली है। उनकों दूसरे चरण के तहत डीबीटी का पैसा उनके अभिभावकों के खाते में भेजा जाएगा। - नवीन कुमार पाठक, बीएसए।