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Sonebhadra News: छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद

Sat, 15 Jun 2024 02:50 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2024 02:50 AM IST
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Life imprisonment to the person guilty of kidnapping and raping a student
घर में पढ़ाई कर रही नौवीं की छात्रा का अपहरण और दुष्कर्म के बाद बेहोशी की हालत में दरवाजे पर छोड़कर भागने वाले दोषी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने इसे जघन्य अपराध करते हुए अभियुक्त को किसी भी तरह की राहत देने से इंकार किया।
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कोर्ट ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को समाज में रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उसे शेष जीवनकाल के लिए जेल में रखा जाए। कोर्ट ने उस पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसमें से 28 हजार रुपये पीड़िता को दिया जाएगा। इस मामले में एक और आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली किशोरी न्याय बोर्ड को भेजी गई है।
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अभियोजन के अनुसार दुद्धी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने दुद्धी थाने में दी कि उसकी बेटी (16) कक्षा 9 में पढ़ती थी। 17 मार्च 2022 की रात वह अपने कमरे में पढ़ रही थी। परिवार के अन्य सदस्य खा पीकर सो रहे थे। इसी बीच रात्रि में विंढमगंज थाना क्षेत्र के बैरखाड़ निवासी पवन कुमार अपने ममेरे भाई व दो-तीन अन्य युवकों के साथ आया।
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बेटी को घर से उठाकर ले गया। उसके साथ दुष्कर्म के बाद बेहोशी की हालत में घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया। तहरीर पर पुलिस ने अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर चार्जशीट दाखिल की। एक आरोपी की उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर पवन कुमार को दोषी करार दिया।

कोर्ट ने कहा- आरोपी को कानून का भय नहीं, शेष जीवन काल जेल में ही रखा जाए
कोर्ट ने कहा कि किशाेरी के साथ जघन्य अपराध हुआ है। अपराध की प्रकृति बता रही है कि आरोपी मनबढ़ है और उसे कानून का कोई भय नहीं है। ऐसे में उसे किसी तरह की राहत नहीं दी जा सकती। लिहाजा उसे शेष जीवन काल तक जेल में ही रखा जाय। कोर्ट ने उस पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
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