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कोरेना से भयभीत वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार
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वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार
सोनभद्र। सदर तहसील के तीन लेखपालों के कोरेना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से ही वकील भयभीत हैं। वकीलों ने समूचा तहसील परिसर, तहसील भवन की तरह न्यायालय परिसर, न्यायालय भवन, अधिवक्ता भवन, अधिवक्ताओं की सीट आदि को सेनेटाइज करने की मांग उठाई है। इतना ही नहीं वकीलों ने न्यायालय में 10 दिन का अवकाश घोषित किए जाने की भी मांग उठाई है।
सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पांडेय एवं महामंत्री संजीव कुमार मिश्रा ने सोमवार को भेजे प्रस्ताव में अवगत कराया है कि जिला प्रशासन की ओर से सिर्फ सदर तहसील को सेनेटाइज किया गया है और कुछ हिस्सा न्यायालय का भी सेनेटाइज किया गया है। इसकी वजह से जब तक समूचे न्यायालय परिसर, न्यायालय भवन, अधिवक्ता भवन, बार भवन, वादकारी भवन, वकीलों के चैंबर आदि को सेनेटाइज नहीं किया जाता है तो अधिवक्ता समाज न्यायिक कार्य करने में अपने को असमर्थ पा रहा है, क्योंकि कोरेना का भय अधिवक्ताओं में समाया हुआ है। इतना ही नहीं न्यायालय में 10 दिन के अवकाश घोषित किए जाने की भी मांग की गई है। इस संदर्भ में जनपद न्यायाधीश के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन को पत्रक भेजकर अवकाश घोषित किए जाने की मांग की गई है। वकीलों के कार्य बहिष्कार की वजह से न्यायालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
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सोनभद्र। सदर तहसील के तीन लेखपालों के कोरेना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से ही वकील भयभीत हैं। वकीलों ने समूचा तहसील परिसर, तहसील भवन की तरह न्यायालय परिसर, न्यायालय भवन, अधिवक्ता भवन, अधिवक्ताओं की सीट आदि को सेनेटाइज करने की मांग उठाई है। इतना ही नहीं वकीलों ने न्यायालय में 10 दिन का अवकाश घोषित किए जाने की भी मांग उठाई है।
सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पांडेय एवं महामंत्री संजीव कुमार मिश्रा ने सोमवार को भेजे प्रस्ताव में अवगत कराया है कि जिला प्रशासन की ओर से सिर्फ सदर तहसील को सेनेटाइज किया गया है और कुछ हिस्सा न्यायालय का भी सेनेटाइज किया गया है। इसकी वजह से जब तक समूचे न्यायालय परिसर, न्यायालय भवन, अधिवक्ता भवन, बार भवन, वादकारी भवन, वकीलों के चैंबर आदि को सेनेटाइज नहीं किया जाता है तो अधिवक्ता समाज न्यायिक कार्य करने में अपने को असमर्थ पा रहा है, क्योंकि कोरेना का भय अधिवक्ताओं में समाया हुआ है। इतना ही नहीं न्यायालय में 10 दिन के अवकाश घोषित किए जाने की भी मांग की गई है। इस संदर्भ में जनपद न्यायाधीश के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन को पत्रक भेजकर अवकाश घोषित किए जाने की मांग की गई है। वकीलों के कार्य बहिष्कार की वजह से न्यायालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
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