{"_id":"586be8874f1c1b945d1583c6","slug":"illigaly-on-the-planin-paper-have-done-councelling","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियम विरुद्ध सादे पन्ने पर करा दी काउंसिलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियम विरुद्ध सादे पन्ने पर करा दी काउंसिलिंग
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Tue, 03 Jan 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे में कुछ माह पूर्व हुई 16448 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में बेसिक शिक्ष्ाा विभाग ने चयन प्रक्रिया के विपरीत आठ अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी। इसकी जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि इन अभ्यर्थियों की काउंसिलंग तय प्रोफार्मा के बजाय सादे पन्ने पर की गई। मामले की जांच कर रहे अपर जिलाधिकारी रामचंद्र ने मामले में राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य से पूछताछ की।
गौरतलब है कि प्राथमिक स्कूलों में बीटीसी प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए 16448 पद निकाले गए थे। इसमें से आठ सौ पद जनपद के लिए थे। नियुक्ति प्रकि्रया के बाद इसमें मानकों की अनदेखी कर नियुक्ति किए जाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद नियुक्ति की जांच प्रशासन से शुरू हुई। जांच में कई खुलासे सामने आ चुके हैं। मामले की जांच कर रहे अपर जिलाधिकारी रामचंद्र ने सोमवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य से पूछताछ की। एडीएम के मुताबिक दोनों ने चौकाने वाली जानकारी दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग में कुछ माह पूर्व शिक्षकों की हुई नियुक्ति में गोलमाल की शिकायत अब काफी हद तक सच साबित हो रही है। जांच में अब तक जो साक्ष्य पाए गए हैं, वह न सिर्फ चौंकाने वाले हैं बल्कि यह भी खुलासा हुआ है कि किस तरह समिति के सदस्यों की जानकारी के बगैर आठ लोगों को नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। इतना ही नहीं कुछ लोगों को वेतन भी दिया जाने लगा। जांच कर रहे एडीएम रामचंद्र ने पिछले दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर दो लिपिकों से पूछताछ की थी। इसमें बाद में वरिष्ठ सहायक का चार्ज लेने वाले लिपिक को एडीएम ने जमकर फटकारा था। फिर नियुक्ति से संबंधित पत्रावलियों को लेकर उसका बयान दर्ज कराया था।
विज्ञापन
चर्चा है कि नियुक्ति पत्र में बाद में तैनात लिपिक ने पूर्व की तारीख में ही अपना हस्ताक्षर बना दिया, जिससे मामला और फंस गया है। एडीएम ने बताया कि सोमवार को डायट प्राचार्य शिवपूजन पटेल और राजकीय बालिका इंटर कालेज राबर्ट्सगंज प्रधानाचार्य उषा सिंह से पूछताछ की गई है। इन दोनों के बाद अब पूर्व बीएसए मनभरन राम राजभर और राजकीय इंटर कालेज पिपरी के एक प्रवक्ता का भी बयान दर्ज किया जाना है।
उनके मुताबिक जिन आठ शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, उनकी काउंसिंलिंग निर्धारित प्रोफार्मा पर न कराकर सादे पन्ने पर की गई है। जो लिपिक नियुक्ति के समय चार्ज पर नहीं रहा, उसने ही इन आठ नियुक्ति पत्रों पर हस्ताक्षर बना दिया। जनरल और ओबीसी की सीट भरने के बाद फिर कैसे नियुक्ति की गई, इसकी भी जांच की जा रही है। बताया कि अब तक नियुक्ति और काउंसिलिंग से जुड़ी मूल पत्रावली बेसिक शिक्षा विभाग उपलब्ध नहीं करा सका है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि प्राथमिक स्कूलों में बीटीसी प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए 16448 पद निकाले गए थे। इसमें से आठ सौ पद जनपद के लिए थे। नियुक्ति प्रकि्रया के बाद इसमें मानकों की अनदेखी कर नियुक्ति किए जाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद नियुक्ति की जांच प्रशासन से शुरू हुई। जांच में कई खुलासे सामने आ चुके हैं। मामले की जांच कर रहे अपर जिलाधिकारी रामचंद्र ने सोमवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य से पूछताछ की। एडीएम के मुताबिक दोनों ने चौकाने वाली जानकारी दी है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग में कुछ माह पूर्व शिक्षकों की हुई नियुक्ति में गोलमाल की शिकायत अब काफी हद तक सच साबित हो रही है। जांच में अब तक जो साक्ष्य पाए गए हैं, वह न सिर्फ चौंकाने वाले हैं बल्कि यह भी खुलासा हुआ है कि किस तरह समिति के सदस्यों की जानकारी के बगैर आठ लोगों को नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। इतना ही नहीं कुछ लोगों को वेतन भी दिया जाने लगा। जांच कर रहे एडीएम रामचंद्र ने पिछले दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर दो लिपिकों से पूछताछ की थी। इसमें बाद में वरिष्ठ सहायक का चार्ज लेने वाले लिपिक को एडीएम ने जमकर फटकारा था। फिर नियुक्ति से संबंधित पत्रावलियों को लेकर उसका बयान दर्ज कराया था।
विज्ञापन
चर्चा है कि नियुक्ति पत्र में बाद में तैनात लिपिक ने पूर्व की तारीख में ही अपना हस्ताक्षर बना दिया, जिससे मामला और फंस गया है। एडीएम ने बताया कि सोमवार को डायट प्राचार्य शिवपूजन पटेल और राजकीय बालिका इंटर कालेज राबर्ट्सगंज प्रधानाचार्य उषा सिंह से पूछताछ की गई है। इन दोनों के बाद अब पूर्व बीएसए मनभरन राम राजभर और राजकीय इंटर कालेज पिपरी के एक प्रवक्ता का भी बयान दर्ज किया जाना है।
उनके मुताबिक जिन आठ शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, उनकी काउंसिंलिंग निर्धारित प्रोफार्मा पर न कराकर सादे पन्ने पर की गई है। जो लिपिक नियुक्ति के समय चार्ज पर नहीं रहा, उसने ही इन आठ नियुक्ति पत्रों पर हस्ताक्षर बना दिया। जनरल और ओबीसी की सीट भरने के बाद फिर कैसे नियुक्ति की गई, इसकी भी जांच की जा रही है। बताया कि अब तक नियुक्ति और काउंसिलिंग से जुड़ी मूल पत्रावली बेसिक शिक्षा विभाग उपलब्ध नहीं करा सका है।