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िनलंबित किए गए चार ग्राम पंचायत अधिकारी
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:12 PM IST
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जिलाधिकारी सीबी सिंह ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में रुचि न लेने वाले जिले के चार ग्राम पंचायत अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। उन पर बगैर आईडी जेनरेट कराए ही विभिन्न मदों से लाखों रुपये निकालने का भी आरोप है। इस कार्रवाई से कार्य में रुचि न लेने वाले अन्य सेक्रेटरियों में खलबली है।
शासन की गाइड लाइन है कि अब राज्य वित्त और 14वें वित्त से जो भी कार्य कराए जाएंगे, उसके लिए पहले आईडी जेनरेट करानी होगी। इसके बाद ही धन आहरित कर कार्य कराया जा सकेगा। लेकिन कुछ ग्राम पंचायतों में इस आदेश की धज्जियां उड़ाकर बगैर आईडी जेनरेट किए ही धन आहरित कर लिया गया। इतना ही नहीं कुछ माह पूर्व सेक्रेटरियों का कार्यक्षेत्र बदला गया था। पहले तो तमाम सेक्रेटरियों ने कार्यभार नहीं ग्रहण किया।
डीएम ने जब समीक्षा कर फटकार लगानी शुरू की तो कार्यभार ग्रहण किया लेकिन कामकाज में रुचि नहीं ले रहे थे। इतना ही नहीं शौचालय, लोहिया आवास समेत सरकार के तमाम महत्वपूर्ण विकास कार्यक्रमों को लेकर उनकी रुचि भी कम थी। डीएम ने जब इसकी समीक्षा की तो कई खामियां पाईं। इस पर उन्होंने डीपीआरओ को तत्काल प्रभाव से चार सेक्रेटरियों चोपन ब्लाक के कोटा ग्राम पंचायत के विमलेश चौबे, नगवां ब्लॉक के अब्दुल रहमान और विजय बहादुर तथा दुद्धी ब्लाक के रवि गौतम को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम सीबी सिंह ने बताया कि समीक्षा में पाया गया कि वे विकास कार्यों में बिल्कुल ही रुचि नहीं ले रहे थे, इसलिए उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उधर, डीपीआरओ एमपी द्विवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत के इन सेक्रेटरियों ने बगैर आईडी जेनरेट कराए ही धनराशि आहरित कर ली है। उन पर कई अन्य भी आरोप हैं। इसलिए उन्हें निलंबित किया जा रहा है।
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शासन की गाइड लाइन है कि अब राज्य वित्त और 14वें वित्त से जो भी कार्य कराए जाएंगे, उसके लिए पहले आईडी जेनरेट करानी होगी। इसके बाद ही धन आहरित कर कार्य कराया जा सकेगा। लेकिन कुछ ग्राम पंचायतों में इस आदेश की धज्जियां उड़ाकर बगैर आईडी जेनरेट किए ही धन आहरित कर लिया गया। इतना ही नहीं कुछ माह पूर्व सेक्रेटरियों का कार्यक्षेत्र बदला गया था। पहले तो तमाम सेक्रेटरियों ने कार्यभार नहीं ग्रहण किया।
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डीएम ने जब समीक्षा कर फटकार लगानी शुरू की तो कार्यभार ग्रहण किया लेकिन कामकाज में रुचि नहीं ले रहे थे। इतना ही नहीं शौचालय, लोहिया आवास समेत सरकार के तमाम महत्वपूर्ण विकास कार्यक्रमों को लेकर उनकी रुचि भी कम थी। डीएम ने जब इसकी समीक्षा की तो कई खामियां पाईं। इस पर उन्होंने डीपीआरओ को तत्काल प्रभाव से चार सेक्रेटरियों चोपन ब्लाक के कोटा ग्राम पंचायत के विमलेश चौबे, नगवां ब्लॉक के अब्दुल रहमान और विजय बहादुर तथा दुद्धी ब्लाक के रवि गौतम को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम सीबी सिंह ने बताया कि समीक्षा में पाया गया कि वे विकास कार्यों में बिल्कुल ही रुचि नहीं ले रहे थे, इसलिए उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उधर, डीपीआरओ एमपी द्विवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत के इन सेक्रेटरियों ने बगैर आईडी जेनरेट कराए ही धनराशि आहरित कर ली है। उन पर कई अन्य भी आरोप हैं। इसलिए उन्हें निलंबित किया जा रहा है।
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