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टोल बूथ कलेक्टर समेत नौ के खिलाफ धोखाधड़ी का केस
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सदर कोतवाली पुलिस ने एसीपी टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड के डिप्टी मैनेजर एडमिन सोनू सिंह की तहरीर पर टोल कलेक्टर समेत नौ के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर अवैध ढंग से रुपये लेकर वाहनों को पार कराने का आरोप है। पुलिस चौकी लोढ़ी के प्रभारी विनय कुुमार सिंह विवेचना करेंगे।
डिप्टी मैनेजर लोढ़ी एडमिन सोनू कुमार सिंह ने तहरीर देकर अवगत कराया है कि एसीपी टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग का निर्माण कर टोल वसूली की जाती है। उनका कहना है कि दो जून को लोढ़ी टोल प्लाजा पर सुबह से शिफ्ट इंचार्ज संदीप बिस्ट जब टोल बूथों के वीडियो फुटेज की नियमित जांच कर रहे थे, तो देखा गया कि 31 मई को लेन नंबर दस के बूथ पर रात्रि 12.36 से 1.00 बजे के बीच नियुक्त टोल कलेक्टर राधाकृष्ण शुक्ला ने बूथ पर पहुंची एक ट्रक के चालक से वापसी पर्ची लेकर बूथ पर लगे कंप्यूटर में तकनीकी कूटरचना और हेरफेर कर सौ रुपये लेकर अपने पास रख लिया और वाहन को अवैध रूप से पास करा दिया। जब टोल प्लाजा के अधिकारियों ने टोल कलेक्टर राधाकृष्ण से इस बारे में पूछताछ की तो बताया कि पहले से इस तरह से हेरफेर करके हर शिफ्ट में चार से पांच सौ या उससे अधिक भी अपने पास रख लेता है। ऐसा कई टोल कलेक्टर, लेन इंचार्ज व कई सिक्योरिटी गार्ड भी करते हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि मैनेजर की तहरीर पर राधाकृष्ण, शिवम शुक्ला, अमरजीत, राशिद, पवन, राजीव, कपिल, दिलीप और नंदलोचन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं केस दर्ज किया गया है। विवेचक विनय कुमार सिंह ने कहा कि विवेचना के दौरान जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डिप्टी मैनेजर लोढ़ी एडमिन सोनू कुमार सिंह ने तहरीर देकर अवगत कराया है कि एसीपी टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग का निर्माण कर टोल वसूली की जाती है। उनका कहना है कि दो जून को लोढ़ी टोल प्लाजा पर सुबह से शिफ्ट इंचार्ज संदीप बिस्ट जब टोल बूथों के वीडियो फुटेज की नियमित जांच कर रहे थे, तो देखा गया कि 31 मई को लेन नंबर दस के बूथ पर रात्रि 12.36 से 1.00 बजे के बीच नियुक्त टोल कलेक्टर राधाकृष्ण शुक्ला ने बूथ पर पहुंची एक ट्रक के चालक से वापसी पर्ची लेकर बूथ पर लगे कंप्यूटर में तकनीकी कूटरचना और हेरफेर कर सौ रुपये लेकर अपने पास रख लिया और वाहन को अवैध रूप से पास करा दिया। जब टोल प्लाजा के अधिकारियों ने टोल कलेक्टर राधाकृष्ण से इस बारे में पूछताछ की तो बताया कि पहले से इस तरह से हेरफेर करके हर शिफ्ट में चार से पांच सौ या उससे अधिक भी अपने पास रख लेता है। ऐसा कई टोल कलेक्टर, लेन इंचार्ज व कई सिक्योरिटी गार्ड भी करते हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि मैनेजर की तहरीर पर राधाकृष्ण, शिवम शुक्ला, अमरजीत, राशिद, पवन, राजीव, कपिल, दिलीप और नंदलोचन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं केस दर्ज किया गया है। विवेचक विनय कुमार सिंह ने कहा कि विवेचना के दौरान जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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