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हक के लिए अभियंताओं का हुंकार
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Tue, 02 Aug 2016 11:58 PM IST
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अनपरा परियोजना गेट पर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के लोग।
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उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने मंगलवार को पांच प्रारंभिक वेतन वृद्धि सहित दस सूत्री मांगों को लेकर अनपरा परियोजना गेट पर सत्याग्रह किया। प्रदर्शन, सभा के जरिए मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। पावर कारपोरेशन प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। 22 अगस्त से कार्य बहिष्कार पर जाने की चेतावनी दी।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीके मिश्रा ने कहा कि युवा इंजीनियरों को प्रारंभिक वेतन वृद्धि न मिलने से उन लोगों के मनोबल पर प्रभाव पड़ा है। यह स्थिति आगे चलकर विद्युत उत्पादन पर भी असर डाल सकती है। कहा कि मुख्यमंत्री के शहरों में चौबीस घंटे और गांवों में 16 से बीस घंटे बिजली के सपने को पूरा करने के लिए अभियंताओं की मांगों पर ध्यान दिया जाए। सहायक सचिव मणींद्रनाथ ने कहा कि ऊर्जा निगमों में नए पदों का सृजन, रियायती बिजली सुविधा बहाल रखने, इंजीनियर्स प्रोटेक्शन एक्ट सहित दस सूत्री मांगों पर समुचित आदेश निर्गत होने तक चरणवार आंदोलन जारी रहेगा।
क्षेत्रीय सचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सभी अभियंता आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध है। बताया कि तीन अगस्त को वाराणसी में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर सत्याग्रह किया जाएगा। 22 अगस्त से पूरे प्रदेश में तीन दिन तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी प्रबंधन ध्यान नहीं देता है तो 29 अगस्त से बेमियादी कार्य बहिष्कार की शुरुआत कर दी जाएगी।
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अध्यक्षता कर रहे अजय कटियार और संचालन कर रहे दीपक कुमार ने कहा कि मांगों को लेकर आठ जुलाई से आंदोलन जारी है। 20 जुलाई को लखनऊ में भी ताकत दिखाई जा चुकी है, बावजूद प्रबंधन अपने वादाखिलाफी रवैए पर बना हुआ है। मौके पर शैलेष, अजय मौर्या, प्रभात, अजय, दीपक , बलराम, संदीप मिश्रा, अभिषेक नारायण सिंह, दुष्यंत, रमेश, ऋषिकांत , विवेकशंकर आदि रहे।
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नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीके मिश्रा ने कहा कि युवा इंजीनियरों को प्रारंभिक वेतन वृद्धि न मिलने से उन लोगों के मनोबल पर प्रभाव पड़ा है। यह स्थिति आगे चलकर विद्युत उत्पादन पर भी असर डाल सकती है। कहा कि मुख्यमंत्री के शहरों में चौबीस घंटे और गांवों में 16 से बीस घंटे बिजली के सपने को पूरा करने के लिए अभियंताओं की मांगों पर ध्यान दिया जाए। सहायक सचिव मणींद्रनाथ ने कहा कि ऊर्जा निगमों में नए पदों का सृजन, रियायती बिजली सुविधा बहाल रखने, इंजीनियर्स प्रोटेक्शन एक्ट सहित दस सूत्री मांगों पर समुचित आदेश निर्गत होने तक चरणवार आंदोलन जारी रहेगा।
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क्षेत्रीय सचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सभी अभियंता आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध है। बताया कि तीन अगस्त को वाराणसी में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर सत्याग्रह किया जाएगा। 22 अगस्त से पूरे प्रदेश में तीन दिन तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी प्रबंधन ध्यान नहीं देता है तो 29 अगस्त से बेमियादी कार्य बहिष्कार की शुरुआत कर दी जाएगी।
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अध्यक्षता कर रहे अजय कटियार और संचालन कर रहे दीपक कुमार ने कहा कि मांगों को लेकर आठ जुलाई से आंदोलन जारी है। 20 जुलाई को लखनऊ में भी ताकत दिखाई जा चुकी है, बावजूद प्रबंधन अपने वादाखिलाफी रवैए पर बना हुआ है। मौके पर शैलेष, अजय मौर्या, प्रभात, अजय, दीपक , बलराम, संदीप मिश्रा, अभिषेक नारायण सिंह, दुष्यंत, रमेश, ऋषिकांत , विवेकशंकर आदि रहे।