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निर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Wed, 06 Jan 2016 12:48 AM IST
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नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश
बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन अरुण त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ता न्याय
दिलाता है, जबकि न्यायाधीश न्याय देता है।
कहा कि यह दोनों कार्य करना बहुत ही कठिन है। उन्होंने कहा कि न्याय मिले इसके लिए सभी को पुरा प्रयास करना चाहिए।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि न्यायाधीश न्याय का देवता है, जबकि अधिवक्ता कर्मयोगी के रूपी मंदिर का पुजारी है।
कहा कि यह तब तक कायम रहेगा जब अधिवक्ता अपनी पूरी तैयारी के साथ वादकारी के हित के लिए बहस करे और न्यायाधीश बहस सुनकर सही न्याय करे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को दायित्व दिया गया वे भी अधिवक्ता ही थे।
उनके दायित्व, कार्य को देखा जाए तो जब वे राष्ट्रपति भवन में गए थे तो एक कंबल और लोहे का बक्सा लेकर गए थे और जब निकले तो वहीं लेकर अपने साथ बाहर आए।
इसी प्रकार से गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल भी अधिवक्ता रहे और उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन पत्नी के निधन का टेलीग्राम आने के बाद भी किया और बाद में जब वादकारी की बहस पूरी हुई तो सभी को इसकी जानकारी दी। पं. मदन मोहन मालवीय, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सभी लोग अधिवक्ता थे।
जिला जज धर्मवीर सिंह ने कहा कि मूलत: उनका पेशा पहले अधिवक्ता का रहा अब न्यायाधीश का हो गया है। कहा कि पहले तो सिर्फ अधिवक्ता का कार्य करता था, लेकिन अब दोनों कार्य करना पड़ता है। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि अधिवक्ता समाज के लिए जो भी हर संभव मदद होगी की जाएगी।
एसपी आरएल वर्मा ने कहा कि अधिवक्ता की तरह पुलिस का भी कार्य लोगों को सुरक्षित रखने का है। वरिष्ठ अधिवक्ता एमपी पांडेय ने पुस्तकालय पर चिंता जताई। नव निर्वाचित अध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने कहा कि अधिवक्ताओं को एकजुट करके अधिवक्ता हित और वादकारी हित में कार्य करने का भरोसा दिलाया।
समाजसेवी राजा सिंह की ओर से बार को एलईडी भेंट किए जाने की जानकारी दी । अंत में निवर्तमान अध्यक्ष ओम प्रकाश पाठक ने आभार ज्ञापित किया। संचालन रामचंद्र मिश्र ने किया।
इसके पूर्व यूपी बार काउंसिल के चेयरमैन अरुण त्रिपाठी, जिला जज धर्मवीर सिंह, डीएम जीएस प्रियदर्शी, एसपी आरएल वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप जला और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर एडीजे प्रथम वीके कांडपाल, एडीजे द्वितीय अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीजे तृतीय जी प्रसाद, फेमिली कोर्ट न्यायाधीश तहसीलदार सिंह, सीजेएम संजय कुमार, सिविल जज सीनियर डिविजन नितेंद्र कुमार, एसडीएम हर्षदेव पांडेय, अरुण प्रताप सिंह, आदि रहे।े
कहा कि यह दोनों कार्य करना बहुत ही कठिन है। उन्होंने कहा कि न्याय मिले इसके लिए सभी को पुरा प्रयास करना चाहिए।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि न्यायाधीश न्याय का देवता है, जबकि अधिवक्ता कर्मयोगी के रूपी मंदिर का पुजारी है।
कहा कि यह तब तक कायम रहेगा जब अधिवक्ता अपनी पूरी तैयारी के साथ वादकारी के हित के लिए बहस करे और न्यायाधीश बहस सुनकर सही न्याय करे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को दायित्व दिया गया वे भी अधिवक्ता ही थे।
उनके दायित्व, कार्य को देखा जाए तो जब वे राष्ट्रपति भवन में गए थे तो एक कंबल और लोहे का बक्सा लेकर गए थे और जब निकले तो वहीं लेकर अपने साथ बाहर आए।
इसी प्रकार से गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल भी अधिवक्ता रहे और उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन पत्नी के निधन का टेलीग्राम आने के बाद भी किया और बाद में जब वादकारी की बहस पूरी हुई तो सभी को इसकी जानकारी दी। पं. मदन मोहन मालवीय, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सभी लोग अधिवक्ता थे।
जिला जज धर्मवीर सिंह ने कहा कि मूलत: उनका पेशा पहले अधिवक्ता का रहा अब न्यायाधीश का हो गया है। कहा कि पहले तो सिर्फ अधिवक्ता का कार्य करता था, लेकिन अब दोनों कार्य करना पड़ता है। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि अधिवक्ता समाज के लिए जो भी हर संभव मदद होगी की जाएगी।
एसपी आरएल वर्मा ने कहा कि अधिवक्ता की तरह पुलिस का भी कार्य लोगों को सुरक्षित रखने का है। वरिष्ठ अधिवक्ता एमपी पांडेय ने पुस्तकालय पर चिंता जताई। नव निर्वाचित अध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने कहा कि अधिवक्ताओं को एकजुट करके अधिवक्ता हित और वादकारी हित में कार्य करने का भरोसा दिलाया।
समाजसेवी राजा सिंह की ओर से बार को एलईडी भेंट किए जाने की जानकारी दी । अंत में निवर्तमान अध्यक्ष ओम प्रकाश पाठक ने आभार ज्ञापित किया। संचालन रामचंद्र मिश्र ने किया।
इसके पूर्व यूपी बार काउंसिल के चेयरमैन अरुण त्रिपाठी, जिला जज धर्मवीर सिंह, डीएम जीएस प्रियदर्शी, एसपी आरएल वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप जला और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर एडीजे प्रथम वीके कांडपाल, एडीजे द्वितीय अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीजे तृतीय जी प्रसाद, फेमिली कोर्ट न्यायाधीश तहसीलदार सिंह, सीजेएम संजय कुमार, सिविल जज सीनियर डिविजन नितेंद्र कुमार, एसडीएम हर्षदेव पांडेय, अरुण प्रताप सिंह, आदि रहे।े