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दूकानें बंद कर निकाला जुलूस
ब्यूरो / अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Mon, 23 May 2016 11:13 PM IST
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दुद्धी को जिला बनाने की मांग
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दुद्धी को जिला बनाने की मांग के समर्थन में सोमवार को व्यापार मंडल और अधिवक्ताओं के आह्वान पर कस्बे की दूकानें बंद रहीं। इस दौरान नगर में जुलूस निकाला गया। संकट मोचन मंदिर तिराहे से निकला जुलूस कस्बा के मुख्य मार्गों से होते हुए काली मुहाल, स्टेशन रोड, अमवार रोड से होकर तहसील तिराहे पर सभा में तब्दील हो गया। जुलूस में दुद्धी और आसपास के क्षेत्रों के लोग शामिल हुए। दूकानें बंद होने से रोजमर्रा की जरूरत के लिए लोगों को थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। दूरदराज से आने वाले लोग खरीदारी नहीं कर पाए और चाय, पानी के लिए भी लोग तरस गए।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अछैबर गुप्ता, कन्हैयालाल, राजकुमार अग्रहरि, सुरेंद्र गुप्ता, अरुणोदय जौहरी, गोरखनाथ ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की मांग काफी लंबे समय से चल रही है। दुद्धी अंग्रेजों के समय से एक स्टेट का दर्जा प्राप्त तहसील है, जो वर्ष 1850 से स्थापित है। 14 जुलाई 1994 को पिपरी में जिला मुख्यालय की नींव रखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि यदि जनपद का मुख्यालय दुद्धी के पिपरी में नहीं बनता तो मिर्जापुर से अलग दूसरा जिला बनने का कोई औचित्य नहीं है।
इस बंदी का असर पूरे कस्बे में ऐसा था कि लोग चाय-पान के लिए भी तरस गए। अभूतपूर्व बंदी पर लोगों का कहना था कि इससे पहले कभी ऐसी बंदी नहीं हुई थी। इस मौके पर श्यामजी सिंह गौतम, कमलेश सिंह कमल, बबलू सिंह, सत्यनारायण जायसवाल, प्रेम नारायण सिंह, प्रदीप अग्रहरि, बबलू केसरी, आशीष गुप्ता, मोहित कुमार, मनीष अग्रहरि, मोती अग्रहरि, मनोज तिवारी, शंभू गुप्ता, कृष्णा अग्रहरि, दुद्धी छात्रसंघ अध्यक्ष अविनाश कुमार मौजूद रहे।
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व्यापार मंडल के अध्यक्ष अछैबर गुप्ता, कन्हैयालाल, राजकुमार अग्रहरि, सुरेंद्र गुप्ता, अरुणोदय जौहरी, गोरखनाथ ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की मांग काफी लंबे समय से चल रही है। दुद्धी अंग्रेजों के समय से एक स्टेट का दर्जा प्राप्त तहसील है, जो वर्ष 1850 से स्थापित है। 14 जुलाई 1994 को पिपरी में जिला मुख्यालय की नींव रखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि यदि जनपद का मुख्यालय दुद्धी के पिपरी में नहीं बनता तो मिर्जापुर से अलग दूसरा जिला बनने का कोई औचित्य नहीं है।
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इस बंदी का असर पूरे कस्बे में ऐसा था कि लोग चाय-पान के लिए भी तरस गए। अभूतपूर्व बंदी पर लोगों का कहना था कि इससे पहले कभी ऐसी बंदी नहीं हुई थी। इस मौके पर श्यामजी सिंह गौतम, कमलेश सिंह कमल, बबलू सिंह, सत्यनारायण जायसवाल, प्रेम नारायण सिंह, प्रदीप अग्रहरि, बबलू केसरी, आशीष गुप्ता, मोहित कुमार, मनीष अग्रहरि, मोती अग्रहरि, मनोज तिवारी, शंभू गुप्ता, कृष्णा अग्रहरि, दुद्धी छात्रसंघ अध्यक्ष अविनाश कुमार मौजूद रहे।
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