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धर्म की रक्षा के लिए तत्परता दिखाने का किया आह्वान
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सोनभद्र। चतरा ब्लॉक क्षेत्र स्थित विजयगढ़ दुर्ग पर शनिवार को चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जी के प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में विजयगढ़ दुर्ग संरक्षण समिति की तरफ से विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। उपस्थित लोगों ने धर्म के महत्व और उसके ऐतिहासिक पौराणिक व वैज्ञानिक पहलुओं की चर्चा के साथ ही लोगों से एकता बनाए रखने और अपनी धर्म रक्षा के लिए तत्परता दिखाते रहने का आह्वान किया।
विजयगढ़ दुर्ग संरक्षण समिति की तरफ से ध्वजारोहण, यक्ष रामसरोवर की आरती, गणेश-हनुमान की आरती, भजन कीर्तन और धर्म संसद का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि नगवां ब्लाक प्रमुख आलोक सिंह ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हर हाल में सुरक्षित रहे इसके लिए हम सबको मिलकर काम करते रहने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि गुप्त काशी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रवि प्रकाश चौबे ने कहा कि आज राष्ट्र परम वैभव की ओर बढ़ रहा है, इसलिए सनातन धर्म के परम वैभव को एक बार फिर से दुनिया के सामने लाने के लिए लिए एकजुटता की जरूरत है। मेला समिति के संयोजक बालेश्वर सिंह ने कहा कि इस दुर्ग का संरक्षण हर हाल में किया जाएगा। अनुसूचित जनजाति आयोग उप्र के सदस्य अमरेश चेरो ने कहा कि आदिवासी समाज धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार है। अध्यक्षता समीति के अध्यक्ष रामानंद सिंह ने की। त्यागी बाबा, नारायण दास जमनिया, शरणानंद महराज, प्रभुदास, कैलाशनाथ पांडेय, श्रवण कुमार, अवधेश चौबे, प्रशांत मिश्रा, सुरेंद्र देहाती, पंकज पांडेय, चंदन ओझा, आचार्य कृष्ण कांत द्विवेदी, मनोज दुबे आदि मौजूद रहे।
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विजयगढ़ दुर्ग संरक्षण समिति की तरफ से ध्वजारोहण, यक्ष रामसरोवर की आरती, गणेश-हनुमान की आरती, भजन कीर्तन और धर्म संसद का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि नगवां ब्लाक प्रमुख आलोक सिंह ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हर हाल में सुरक्षित रहे इसके लिए हम सबको मिलकर काम करते रहने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि गुप्त काशी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रवि प्रकाश चौबे ने कहा कि आज राष्ट्र परम वैभव की ओर बढ़ रहा है, इसलिए सनातन धर्म के परम वैभव को एक बार फिर से दुनिया के सामने लाने के लिए लिए एकजुटता की जरूरत है। मेला समिति के संयोजक बालेश्वर सिंह ने कहा कि इस दुर्ग का संरक्षण हर हाल में किया जाएगा। अनुसूचित जनजाति आयोग उप्र के सदस्य अमरेश चेरो ने कहा कि आदिवासी समाज धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार है। अध्यक्षता समीति के अध्यक्ष रामानंद सिंह ने की। त्यागी बाबा, नारायण दास जमनिया, शरणानंद महराज, प्रभुदास, कैलाशनाथ पांडेय, श्रवण कुमार, अवधेश चौबे, प्रशांत मिश्रा, सुरेंद्र देहाती, पंकज पांडेय, चंदन ओझा, आचार्य कृष्ण कांत द्विवेदी, मनोज दुबे आदि मौजूद रहे।
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