विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला संयुक्त चिकित्सालय में रविवार को मानसिक स्वास्थ्य शिविर और गोष्ठी हुई। इसमें मानसिक स्वास्थ्य के लिए तनाव से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया गया। शिविर में लगभग 70 मानसिक रोगियों का उपचार किया गया। गोष्ठी में सीएमओ डॉ. नेम सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य विकार मुख्य रूप से प्रभावित लोगों के विचारों, मनोदशा और व्यवहारों को प्रभावित करते हैं। मानसिक विकार दिन प्रतिदिन कार्य करने की क्षमता व व्यवहार को प्रभावित करते हैं। व्यक्ति को हिंसक अपराधी तक बना सकता है। हमें मानसिक विकारों से बचने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और योग करना चाहिए। सीएमएस डॉ. के कुमार ने कहा कि मन कोई अंग नहीं है। सोचने की प्रवृत्ति ही मन है। प्रत्येक व्यक्ति के विचार ही उसके मानसिक सेहत का राज होते हैं। सोच या विचार के पैमाने में अस्थिरता आने से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर मस्तिष्क पर पड़ता है। नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि शारीरिक बीमारी सभी को नजर आती है लेकिन मानसिक बीमारी या मानसिक रूप से अस्वस्थ होने पर कभी-कभी उस व्यक्ति को भी पता नहीं चलता जो इस बीमारी से जूझ रहा है। इस अवसर पर मनोचिकित्सक डॉ. राजकुमार, डॉ. अरुण चौबे, डीपीएम रिपुंजय श्रीवास्तव, राकेश कन्नौजिया, राहुल कनौजिया, सौरभ सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. गणेश प्रसाद ने किया।