{"_id":"6845d46ba820a0e8b60f62fa","slug":"bail-was-sought-on-the-pretext-of-dpharma-exam-but-it-was-rejected-sonbhadra-news-c-194-1-son1001-129513-2025-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: डीफाॅर्मा की परीक्षा की दलील देकर मांगी थी जमानत, खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: डीफाॅर्मा की परीक्षा की दलील देकर मांगी थी जमानत, खारिज
विज्ञापन
इलाज कराने अस्पताल पहुंची राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने के आरोपी को कोर्ट ने जमानत देने से इन्कार कर दिया है।
आरोपी ने सोमवार से शुरू हो रही डीफाॅर्मा की परीक्षा में शामिल होने की दलील देकर जमानत के लिए अर्जी दी थी।
बताते हैं कि अप्रैल में एसपी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में एक महिला ने बताया कि पति से मन मुटाव के कारण वह घुवास काॅलोनी में किराये का कमरा लेकर रहती थी।
तीन अप्रैल की शाम तबीयत ठीक न होने पर इलाज के लिए कॉलोनी के ही एक क्लीनिक पर गई थी। वहां आरोपी संतोष मिला। आरोप है कि उसने कमर में इंजेक्शन लगाने की बात कहते हुए कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
शिकायत पर बच्चे को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने उसका वीडियो भी बना लिया था। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म, आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी ने न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दिया था।
तर्क था कि वह डीफाॅर्मा की पढ़ाई कर रहा है। घर के बगल में स्थित प्राइवेट क्लीनिक पर काम करता है। बकाया पैसे न लौटाने पड़े, इसके लिए उसे दुष्कर्म के आरोप में फंसाया गया।
आरोपी ने सोमवार से शुरू हो रही डीफार्मा की परीक्षा में शामिल होने की दलील देते हुए जमानत देने की गुहार लगाई थी। सरकारी अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया।
शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना रानी की कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले को गंभीर अपराध की श्रेणी में माना। आरोपी संतोष का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
आरोपी ने सोमवार से शुरू हो रही डीफाॅर्मा की परीक्षा में शामिल होने की दलील देकर जमानत के लिए अर्जी दी थी।
बताते हैं कि अप्रैल में एसपी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में एक महिला ने बताया कि पति से मन मुटाव के कारण वह घुवास काॅलोनी में किराये का कमरा लेकर रहती थी।
विज्ञापन
तीन अप्रैल की शाम तबीयत ठीक न होने पर इलाज के लिए कॉलोनी के ही एक क्लीनिक पर गई थी। वहां आरोपी संतोष मिला। आरोप है कि उसने कमर में इंजेक्शन लगाने की बात कहते हुए कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
शिकायत पर बच्चे को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने उसका वीडियो भी बना लिया था। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म, आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी ने न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दिया था।
तर्क था कि वह डीफाॅर्मा की पढ़ाई कर रहा है। घर के बगल में स्थित प्राइवेट क्लीनिक पर काम करता है। बकाया पैसे न लौटाने पड़े, इसके लिए उसे दुष्कर्म के आरोप में फंसाया गया।
आरोपी ने सोमवार से शुरू हो रही डीफार्मा की परीक्षा में शामिल होने की दलील देते हुए जमानत देने की गुहार लगाई थी। सरकारी अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया।
शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना रानी की कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले को गंभीर अपराध की श्रेणी में माना। आरोपी संतोष का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।