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प्रधानों का प्रदर्शन, मांगे अधिकार
Sonbhadra
Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
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सोनभद्र। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने बुधवार को संयुक्त रूप से कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानों ने अपने पूरे अधिकार मांगे और मनरेगा के अंतर्गत 60 प्रतिशत पक्का काम कराने की भी मांग उठाई गई। अंत में अपर जिलाधिकारी को 40 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया।
धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव हृदय नारायण पाठक ने कहा कि 73वां संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। जब तक ग्राम प्रधानों की मांग पूरी नहीं होती है, यह लड़ाई चलती रहेगी। उन्होंने चेताया कि मनरेगा के कार्य के नाम पर जिस तरह से ग्राम प्रधानों का शोषण किया जा रहा है, उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रधानों का शोषण बंद नहीं किया जाता है, तो जिले के समस्त विकास कार्य ठप कर दिए जाएंगे। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि जिले का प्रधान प्रदेश सरकार का मेठ नहीं है, जो अधिकारियों के इशारे पर काम करेगा। सेक्रेटरी संघ के अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि पंचायती राज अधिकारी संघ और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने ग्राम प्रधानों के साथ संयुक्त रूप से आंदोलन करने का निर्णय लिया है। सरकार सेक्रेटरियों की लंबित मांगों को पूरा नहीं कर रही है। उन्हें आश्वासन देकर शांत कर दिया जा रहा है। प्रधानों को उनका पूरा अधिकार नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि ग्राम पंचायत में जो सचिवालय बनवाए जा रहे हैं, उसमें सेक्रेटरियों का निवास और अतिथि निवास भी बनाया जाए।
धरना-प्रदर्शन को शमशेर बहादुर सिंह, कमलेश ओझा, सूर्यमणि तिवारी, संजय जायसवाल, दिनेश यादव, सोहराब अली खां के साथ ही पंचायत सेक्रेटरियों ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी को 40 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा गया।
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धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव हृदय नारायण पाठक ने कहा कि 73वां संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। जब तक ग्राम प्रधानों की मांग पूरी नहीं होती है, यह लड़ाई चलती रहेगी। उन्होंने चेताया कि मनरेगा के कार्य के नाम पर जिस तरह से ग्राम प्रधानों का शोषण किया जा रहा है, उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रधानों का शोषण बंद नहीं किया जाता है, तो जिले के समस्त विकास कार्य ठप कर दिए जाएंगे। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि जिले का प्रधान प्रदेश सरकार का मेठ नहीं है, जो अधिकारियों के इशारे पर काम करेगा। सेक्रेटरी संघ के अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि पंचायती राज अधिकारी संघ और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने ग्राम प्रधानों के साथ संयुक्त रूप से आंदोलन करने का निर्णय लिया है। सरकार सेक्रेटरियों की लंबित मांगों को पूरा नहीं कर रही है। उन्हें आश्वासन देकर शांत कर दिया जा रहा है। प्रधानों को उनका पूरा अधिकार नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि ग्राम पंचायत में जो सचिवालय बनवाए जा रहे हैं, उसमें सेक्रेटरियों का निवास और अतिथि निवास भी बनाया जाए।
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धरना-प्रदर्शन को शमशेर बहादुर सिंह, कमलेश ओझा, सूर्यमणि तिवारी, संजय जायसवाल, दिनेश यादव, सोहराब अली खां के साथ ही पंचायत सेक्रेटरियों ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी को 40 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा गया।
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