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कार्यों के स्थल चयन में खूब हुई मनमानी
Sonbhadra
Updated Sun, 09 Mar 2014 05:30 AM IST
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सोनभद्र। जनपद में मनरेगा घोटाले के सिलसिले में सीबीआई के हाथ लगे कागजात से पता चला है कि चेकडैम, बंधियों और सड़कों के निर्माण के लिए स्थल चयन में खूब मनमानी की गई। अनुपयुक्त जगह पर निर्माण कराए गए तो मनरेगा की गाइड लाइन भी ताक पर रख दी गई। अब जब ये मामले सामने आ रहे हैं तो इससे जुड़े लोगों में खलबली है।
घोरावल ब्लाक का पड़वनिया, कड़िया 28 का इलाका, म्योरपुर का बेलवादह अनुपयुक्त जगहों पर चेकडैम बनाने और मनमाने तरीके से स्थल चयन के लिए चर्चित है। चतरा ब्लाक के सोढ़ा में तिनुई नाला पर बनाए गए चेकडैम पर भी सवाल उठाए जा चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई के हाथ स्टेट क्वालिटी मानीटर (एसक्यूएम) की जांच रिपोर्ट और उससे जुड़े जो कागजात हाथ लगे हैं, उसमें यह स्पष्ट रूप से
बताया गया है कि जनपद में अधिकांश कार्र्यों के स्थल का चयन मनमाने ढंग से किया गया है। चतरा ब्लाक के तिनुई नाला में गरीब किसानों के हितों की उपेक्षा कर संपन्न किसानों के फायदे के लिए चेकडैम बनवाया गया। प्राक्कलन भी जरूरत से अधिक तय किया गया। बेलवादह मामले में वर्ष 2010 में ही तत्कालीन बीडीओ, जेई डीआरडीए और एई आरईएस को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। चेकडैमों पर खर्च धनराशि वसूलने के लिए भी कहा गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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घोरावल ब्लाक का पड़वनिया, कड़िया 28 का इलाका, म्योरपुर का बेलवादह अनुपयुक्त जगहों पर चेकडैम बनाने और मनमाने तरीके से स्थल चयन के लिए चर्चित है। चतरा ब्लाक के सोढ़ा में तिनुई नाला पर बनाए गए चेकडैम पर भी सवाल उठाए जा चुके हैं।
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सूत्रों के अनुसार सीबीआई के हाथ स्टेट क्वालिटी मानीटर (एसक्यूएम) की जांच रिपोर्ट और उससे जुड़े जो कागजात हाथ लगे हैं, उसमें यह स्पष्ट रूप से
बताया गया है कि जनपद में अधिकांश कार्र्यों के स्थल का चयन मनमाने ढंग से किया गया है। चतरा ब्लाक के तिनुई नाला में गरीब किसानों के हितों की उपेक्षा कर संपन्न किसानों के फायदे के लिए चेकडैम बनवाया गया। प्राक्कलन भी जरूरत से अधिक तय किया गया। बेलवादह मामले में वर्ष 2010 में ही तत्कालीन बीडीओ, जेई डीआरडीए और एई आरईएस को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। चेकडैमों पर खर्च धनराशि वसूलने के लिए भी कहा गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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