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विस्थापित श्रमिकों को कार्य से निकाले जाने से रोष
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:16 AM IST
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अनपरा। अनपरा तापीय परियोजना में संविदा पर कार्यरत विस्थापित श्रमिकों को संविदा कंपनियों द्वारा प्रताड़ित कर कार्य से बाहर निकाले जाने से विस्थापितों में भारी रोष है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल विस्थापित श्रमिकों को नहीं रखा गया तो आंदोलन किया जायेगा।
अनपरा डी परियोजना में संविदा का कार्य रही एमबीपीएल कंपनी में कार्यरत विस्थापित मजदूरों की छंटनी से क्षुब्ध सिकंदर सिंह, रमेश यादव, राजकुमार यादव, राजेश कुमार दुबे, पुष्पेदर गुप्ता आदि मजदूरों ने अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक व संबंधिंत अधिकारियों से गुहार लगायी है, लेकिन निष्कासन के 16 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से श्रमिकों में रोष व्याप्त है। एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने बताया कि अनपरा तापीय परियोजना की अ, ब, स, द इकाईयों में संचालित संविदा कार्यों में 50 प्रतिशत विस्थापितों को रखने का प्रावधान है। परन्तु नये विस्थापितों को रोजगार देना तो दूर की बात है।
पहले से काम कर रहे विस्थापित मजदूरों को भी कार्य से निकाला जा रहा है। विस्थापित मजदूरों ने बताया कि पूर्व में एनर्गों कम्पनी में कार्य कर रहे थे लेकिन वर्तमान में कार्यरत एमबीपीएल कम्पनी द्वारा गलत तरिके से विस्थापितों को कार्य से निकाला जा रहा है, उनकी जगह अधिकारियों के भाई-भतीजे व सम्बंधितों को कार्य पर रखा जा रहा है। जिसे कत्तई बर्दाश्त नही किया जायेगा। यदि तत्काल विस्थापितों को वापस नहीं लिया गया तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अनपरा तापीय परियोजना के अधिशासी अभियंता इं रामजनम यादव ने बताया कि किसी भी श्रमिक को कार्य से नहीं निकाला गया है।
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अनपरा डी परियोजना में संविदा का कार्य रही एमबीपीएल कंपनी में कार्यरत विस्थापित मजदूरों की छंटनी से क्षुब्ध सिकंदर सिंह, रमेश यादव, राजकुमार यादव, राजेश कुमार दुबे, पुष्पेदर गुप्ता आदि मजदूरों ने अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक व संबंधिंत अधिकारियों से गुहार लगायी है, लेकिन निष्कासन के 16 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से श्रमिकों में रोष व्याप्त है। एनएसयुआई जिला महासचिव अंकुश दुबे ने बताया कि अनपरा तापीय परियोजना की अ, ब, स, द इकाईयों में संचालित संविदा कार्यों में 50 प्रतिशत विस्थापितों को रखने का प्रावधान है। परन्तु नये विस्थापितों को रोजगार देना तो दूर की बात है।
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पहले से काम कर रहे विस्थापित मजदूरों को भी कार्य से निकाला जा रहा है। विस्थापित मजदूरों ने बताया कि पूर्व में एनर्गों कम्पनी में कार्य कर रहे थे लेकिन वर्तमान में कार्यरत एमबीपीएल कम्पनी द्वारा गलत तरिके से विस्थापितों को कार्य से निकाला जा रहा है, उनकी जगह अधिकारियों के भाई-भतीजे व सम्बंधितों को कार्य पर रखा जा रहा है। जिसे कत्तई बर्दाश्त नही किया जायेगा। यदि तत्काल विस्थापितों को वापस नहीं लिया गया तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अनपरा तापीय परियोजना के अधिशासी अभियंता इं रामजनम यादव ने बताया कि किसी भी श्रमिक को कार्य से नहीं निकाला गया है।
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