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आयुष्मान का गोल्डेन कार्ड देने पर शुरू हुई वसूली

Fri, 30 Nov 2018 11:11 PM IST
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:11 PM IST
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आयुष्मान का गोल्डेन कार्ड देने पर शुरू हुई वसूली
सोनभद्र। आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के तहत जिले की करीब 20 लाख की आबादी में एक लाख 44 हजार लोगों को चिह्नित करना है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक चिह्नित 88 हजार लाभार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुभ कामना संदेश भेज चुके हैं। आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम कर्मचारियों द्वारा शुभ कामना संदेश सभी को दिया जा चुका है। 2800 सौ परिवारों को गोल्डेन कार्ड भी वितरित दिया जा चुका है। लेकिन कई कर्मियों द्वारा लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड देने के एवज में उनसे दो सौ से पांच सौ रुपये तक वसूली की शिकायतें मिली हैं। इसकी सीएमओ ने जांच शुरू कर दी है।
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शासन से स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के तहत करीब एक लाख 44 हजार गरीब परिवारों को चिह्नित करना है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 88 हजार से अधिक परिवारों का चयन कर उन्हें गोल्डेन कार्ड वितरित किया जा रहा है। ताकि वह योजना का लाभ ले सकेें। योजना से लाभांवित होने वाले प्रत्येक परिवार पांच लाख रुपये का प्रति वर्ष उपचार मुफ्त में करा सकता है। चयनित लाभार्थी जिला अस्पताल, सीएचसी घोरावल, बभनी, म्योरपुर, दुद्वी, पीएचसी केकराही, राबट्र्सगंज नगर में स्थित आदित्य हास्पिटल, आस्था हास्पिटल, जीवनदीप हास्पिटल, कीर्तिपाली हास्पिटल, लाल बाल चिकित्सालय, नेशनल बाल चिकित्सालय, सहारा हास्पिटल, श्रेया हास्पिटल, राम हास्पिटल फ्रैक्चर एंड सर्जिकल सेंटर, श्वेता हास्पिटल, सांईनाथ होलिस्टिक हास्पिटल हिंदुआरी, जनसेवा मसीह हॉस्पिटल बहुअरा, प्रभव हास्पिटल एंड फ्रैक्चर सेंटर उरमौरा, प्रसाद कुंवर हास्पिटल दुद्धी में खुद एवं अपने परिवार के पांच सदस्य का मुफ्त में उपचार करा सकते हैं। लेकिन इलाज करने के लिए नामित कई अस्पतालों में मरीजों को समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। अल्ट्रासांउड, एक्सरे करने के नाम पर रुपये लिया जा रहा है। संबंधितों की उदासीनता के चलते अभी तक चयनित परिवारों में से महज 28 सौ ही परिवारों को गोल्डेन कार्ड मिल पाया है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि कुछ कर्मियों द्वारा गोल्डेन कार्ड देने के नाम पर रुपये लेने और एक-दो अस्पतालों मेें मरीजों से जांच के नाम पर फीस लेने की मिली शिकायत की जांच की जांच की जा रही है। आरोप सही मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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