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3000 मेगावाट से पार पहुंचा विद्युत उत्पादन
Updated Thu, 28 Dec 2017 10:41 PM IST
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अनपरा । उत्पादन निगम की चार विद्युत परियोजनाओं से तीन हजार से अधिक मेगावाट उत्पादन होने से चिंता कम हुई, लेकिन थर्मल बैकिंग से उत्पादन निगम को कोई खास राहत नहीं मिली है । अनपरा परियोजना से बुधवार की शाम से उत्पादन में सुधार हुआ है और यहां का विद्युत उत्पादन 1400 मेगावाट से बढ़कर 1900 मेगावाट पहुंच गया है।
ठंड और कोहरे का असर विद्युत पारेषण एवं वितरण लाइनों पर भी पड़ने लगा है। रात में इन लाइनों में खराबी के कारण उत्पादन को घटना पड़ रहा है। हालांकि बुधवार की सुबह से पारेषण लाइनों में आई खराबी को दूर करने के बाद उत्पादन में बेहतर सुधार हुआ है। उत्पादन निगम की सबसे बड़ी परियोजना अनपरा का उत्पादन 14 सौ मेगावाट से बढ़कर 1917 मेगावाट पहुंचा तो परियोजना प्रशासन ने राहत की सांस ली। गुरुवार को ओबरा से 312, पारीछा से 478 व हरदुआगंज से 444 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। इस तरह इन परियोजनाओं से शाम चार बजे कुल 3151 मेगावाट विद्युत उत्पादन जारी था। हालांकि इतना सब कुछ होने के बावजूद उत्पादन निगम को किसी न किसी खामियों के कारण 175 मेगावाट उत्पादन घटाना भी पड़ा। ठंड में बिजली की मांग बढ़ने के बीच उत्पादन में सुधार होने से परियोजना प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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ठंड और कोहरे का असर विद्युत पारेषण एवं वितरण लाइनों पर भी पड़ने लगा है। रात में इन लाइनों में खराबी के कारण उत्पादन को घटना पड़ रहा है। हालांकि बुधवार की सुबह से पारेषण लाइनों में आई खराबी को दूर करने के बाद उत्पादन में बेहतर सुधार हुआ है। उत्पादन निगम की सबसे बड़ी परियोजना अनपरा का उत्पादन 14 सौ मेगावाट से बढ़कर 1917 मेगावाट पहुंचा तो परियोजना प्रशासन ने राहत की सांस ली। गुरुवार को ओबरा से 312, पारीछा से 478 व हरदुआगंज से 444 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। इस तरह इन परियोजनाओं से शाम चार बजे कुल 3151 मेगावाट विद्युत उत्पादन जारी था। हालांकि इतना सब कुछ होने के बावजूद उत्पादन निगम को किसी न किसी खामियों के कारण 175 मेगावाट उत्पादन घटाना भी पड़ा। ठंड में बिजली की मांग बढ़ने के बीच उत्पादन में सुधार होने से परियोजना प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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