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विवेकानंद ने विश्व को समझाई हिंदू दर्शन की सजह परिभाषा
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:41 PM IST
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ओबरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से मनोरंजन केंद्र-1 में शुक्रवार की रात स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर बौद्धिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विवेकानंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की गई। उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
मुख्य वक्ता संघ क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख मिथिलेश नारायण ने बताया कि कोलकाता में एक वकील के घर में जन्मा सामान्य बालक जो कालांतर में स्वामी विवेकानंद के नाम से विश्व विख्यात हुआ। आरएसएस स्वामीजी को केवल सन्यासी होने के कारण ही सम्मान नहीं देता, बल्कि उन्होंने भारत और भारत के बाहर हिंदू तत्व दर्शन की जो सहज परिभाषा विश्व को समझाई उसके कारण संघ विवेकानंद को सदा से प्रतिष्ठित करता है। विवेकानंद ने सन्यास ग्रहण करने की बाद भी गिरि कंदराओं में जाकर तपस्या नहीं की बल्कि प्रत्येक भारतीय को ही नारायण स्वरूप मानकर उसी की सेवा और उसी को जागरूक बनाने में अपना साथ समय लगा दिया। उन्होंने बताया कि भारत से बाहर सुदूर पश्चिम अमरीका के शिकागो शहर में स्वामी ने विश्व के सभी धर्मावलंबियों के सामने भारत और भारतीयता की श्रेष्ठता का अद्भुत परिचय दिया। कार्यक्रम में अजीत, प्रमोद त्रिपाठी, डा. सुरेश, सुरेंद्र बरनवाल, दीपेश दीक्षित, ओम प्रकाश राय, डॉ. दिनेश उपाध्याय, इंद्रजीत, धर्मराज सिंह, सुखनंदन चौरसिया मौजूद रहे। शक्तिनगर : एनटीपीसी लिमिटेड सिंगरौली विद्युत गृह के आवासीय परिसर में संचालित महात्मा गॉधी काशी विद्यापीठ में स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनायी गयी । इस मौके पर कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि हनुमान मंदिर खड़िया के प्रधान पुजारी बाबा सत्यदेव जी महाराज ने स्वामी विवेकानंद के युवाओं के लिए प्रेरक आध्यात्मिक उपदेशों पर अपने विचार रखे । वरिष्ठ प्रबंधक सतर्कता संजय पांडेय विवेकानंद को भारतीय समाज को जागृत करने वाले अग्रणी महा पुरुषों के रूप में याद किया । उप प्रबंधक मानव संसाधन आदेश पाण्डेय ने स्वामी विवेकानंद के जागरण सूत्र उठो-जागो तथा लक्ष्य प्राप्ति तक प्रयत्नषील रहो के प्रति युवाओं को जागरूक किया । कवि सम्मेलन का शुभारंभ माहिर मिर्जापुरी ,की वाणी वंदना से हुआ । वाराणसी से पधारे डाण् अशोक कुमार राय अज्ञान ने अपनी हास्य रचनाओ से श्रोताओं का मनोरंजन किया । सिंगरौली के सुरेश गिरि ने मजदूरों के तप-त्याग पर गीत सुनाया। अरूप योगी ने अपनी व्यंग रचनाओं से मंच को ऊंचाइयां प्रदान की । अध्यक्षता सीधी के हरिहर प्रसाद विश्वकर्मा व संचालन राजभाषा विभाग के शिवकरण दूबे वेदराही ने किया। कार्यक्रम का संयोजन एवं स्वागत ज्ञापन मानिक चंद पांडेय ने किया । ओबरा: अपना दल एस के तत्वावधान में चित्रगुप्त मंदिर परिसर में विवेकानंद की जयंती शनिवार को मनाई गई। पार्टी नेता आनंद पटेल दयालु ने कहा कि पूरा जीवन अगर हार भी मिलती है तो भी संघर्ष करना न छोड़ें। सफलता आपके एक दिन कदम चूम लेगी। कार्यक्रम में डाली वर्मा, सोनी बानो, विद्या शर्मा, अनुराग पांडेय, सुनीता सिंह, लालता यादव, राधिका मौर्या, पूनम देवी, आनंद यादव, अभिषेक पटेल, रविंद्र यादव आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता महताब आलम, संचालन नादिश हसन ने किया।
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मुख्य वक्ता संघ क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख मिथिलेश नारायण ने बताया कि कोलकाता में एक वकील के घर में जन्मा सामान्य बालक जो कालांतर में स्वामी विवेकानंद के नाम से विश्व विख्यात हुआ। आरएसएस स्वामीजी को केवल सन्यासी होने के कारण ही सम्मान नहीं देता, बल्कि उन्होंने भारत और भारत के बाहर हिंदू तत्व दर्शन की जो सहज परिभाषा विश्व को समझाई उसके कारण संघ विवेकानंद को सदा से प्रतिष्ठित करता है। विवेकानंद ने सन्यास ग्रहण करने की बाद भी गिरि कंदराओं में जाकर तपस्या नहीं की बल्कि प्रत्येक भारतीय को ही नारायण स्वरूप मानकर उसी की सेवा और उसी को जागरूक बनाने में अपना साथ समय लगा दिया। उन्होंने बताया कि भारत से बाहर सुदूर पश्चिम अमरीका के शिकागो शहर में स्वामी ने विश्व के सभी धर्मावलंबियों के सामने भारत और भारतीयता की श्रेष्ठता का अद्भुत परिचय दिया। कार्यक्रम में अजीत, प्रमोद त्रिपाठी, डा. सुरेश, सुरेंद्र बरनवाल, दीपेश दीक्षित, ओम प्रकाश राय, डॉ. दिनेश उपाध्याय, इंद्रजीत, धर्मराज सिंह, सुखनंदन चौरसिया मौजूद रहे। शक्तिनगर : एनटीपीसी लिमिटेड सिंगरौली विद्युत गृह के आवासीय परिसर में संचालित महात्मा गॉधी काशी विद्यापीठ में स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनायी गयी । इस मौके पर कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि हनुमान मंदिर खड़िया के प्रधान पुजारी बाबा सत्यदेव जी महाराज ने स्वामी विवेकानंद के युवाओं के लिए प्रेरक आध्यात्मिक उपदेशों पर अपने विचार रखे । वरिष्ठ प्रबंधक सतर्कता संजय पांडेय विवेकानंद को भारतीय समाज को जागृत करने वाले अग्रणी महा पुरुषों के रूप में याद किया । उप प्रबंधक मानव संसाधन आदेश पाण्डेय ने स्वामी विवेकानंद के जागरण सूत्र उठो-जागो तथा लक्ष्य प्राप्ति तक प्रयत्नषील रहो के प्रति युवाओं को जागरूक किया । कवि सम्मेलन का शुभारंभ माहिर मिर्जापुरी ,की वाणी वंदना से हुआ । वाराणसी से पधारे डाण् अशोक कुमार राय अज्ञान ने अपनी हास्य रचनाओ से श्रोताओं का मनोरंजन किया । सिंगरौली के सुरेश गिरि ने मजदूरों के तप-त्याग पर गीत सुनाया। अरूप योगी ने अपनी व्यंग रचनाओं से मंच को ऊंचाइयां प्रदान की । अध्यक्षता सीधी के हरिहर प्रसाद विश्वकर्मा व संचालन राजभाषा विभाग के शिवकरण दूबे वेदराही ने किया। कार्यक्रम का संयोजन एवं स्वागत ज्ञापन मानिक चंद पांडेय ने किया । ओबरा: अपना दल एस के तत्वावधान में चित्रगुप्त मंदिर परिसर में विवेकानंद की जयंती शनिवार को मनाई गई। पार्टी नेता आनंद पटेल दयालु ने कहा कि पूरा जीवन अगर हार भी मिलती है तो भी संघर्ष करना न छोड़ें। सफलता आपके एक दिन कदम चूम लेगी। कार्यक्रम में डाली वर्मा, सोनी बानो, विद्या शर्मा, अनुराग पांडेय, सुनीता सिंह, लालता यादव, राधिका मौर्या, पूनम देवी, आनंद यादव, अभिषेक पटेल, रविंद्र यादव आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता महताब आलम, संचालन नादिश हसन ने किया।
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