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दो महिलाएं डफरिन से पहुंच गईं निजी अस्पताल
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सीतापुर। जिला महिला अस्पताल में दलालों की सक्रियता एक बार फिर उजागर हुई है। यहां प्रसव के लिए भर्ती हुईं दो महिलाएं डफरिन से प्राइवेट अस्पताल पहुंच गईं, इससे हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी होते ही मरीजों को देख रही डॉक्टरों ने सीएमएस को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है। एक महिला पर दोनों प्रसूताओं को बहला-फुसलाकर अस्पताल से ले जाने का आरोप है। ऐसे में जिला महिला अस्पताल में दलालों की सक्रियता साफ तौर पर उजागर हो रही है। इस मामले में जिला महिला अस्पताल की सीएमएस जांच कराने की बात कह रही हैं।
शहर कोतवाली इलाके के सिविल लाइंस निवासी अमित कुमार की पत्नी नेहा राठौर गर्भवती हैं। डिलीवरी केे लिए 29 जून को सुबह नौ बजे उन्हें जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज की हालत देखते हुए दोपहर बाद ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई थी। इसके साथ कोरोना जांच कराने के लिए कहा गया था। बताया जाता है कि कुछ ही देर बाद प्रसूता अपने बिस्तर से नदारद हो गई।
इसी तरह से शहर कोतवाली इलाके के शास्त्रीनगर निवासी शालू पत्नी मनीष को भी प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इस बीच वह भी अस्पताल से चली गई। दोनों गर्भवती के गायब होने के बाद महिला अस्पताल प्रशासन और स्टाफ के होश उड़ गए। पूरा स्टाफ और जिम्मेदार अस्पताल से गईं प्रसूताओं के बारे में जानकारी करने लगा।
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अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, काफी देर बाद जानकारी हुई कि दोनों प्रसूताएं रानी कोठी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। इन दोनों को एक महिला दलाल बहलाकर वहां ले गई थी। इसकी जानकारी होने पर डॉ. रीता वर्मा, डॉ. रीतू व डॉ. कमलेश ने सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल को पत्र सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराकर कार्रवाई की मांग की है, जिससे ऐसे मामलों को रोका जा सके।
महिला अस्पताल की डॉक्टरों की मानें तो शास्त्रीनगर की रहने वाली प्रसूता शालू का बिना कोविड-19 की जांच कराए ही ऑपरेशन कर दिया गया है, इससे कोरोना फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। डॉक्टरों ने सीएमएस से गुजारिश की है कि प्रसूता का कोरोना टेस्ट जरूर करा लिए जाए, ताकि कोई खतरा न बढ़े। अगर प्रसूता संक्रमित हुई तो खतरा कितना बड़ा हो सकता है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल ने बताया कि प्रसव के लिए भर्ती दो प्रसूताओं को अस्पताल से चुपके से निकालकर ले जाने का मामला संज्ञान में आया है। डॉक्टरों ने पत्र देकर मामले से अवगत कराया है। दोनों महिलाओें का ऑपरेशन रानी कोठी स्थित प्राइवेट अस्पताल में कराने की बात सामने आई है। ये महिलाएं जिला महिला अस्पताल से वहां कैसे गईं, इसकी जांच कराई जाएगी। मामले में जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी।
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शहर कोतवाली इलाके के सिविल लाइंस निवासी अमित कुमार की पत्नी नेहा राठौर गर्भवती हैं। डिलीवरी केे लिए 29 जून को सुबह नौ बजे उन्हें जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज की हालत देखते हुए दोपहर बाद ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई थी। इसके साथ कोरोना जांच कराने के लिए कहा गया था। बताया जाता है कि कुछ ही देर बाद प्रसूता अपने बिस्तर से नदारद हो गई।
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इसी तरह से शहर कोतवाली इलाके के शास्त्रीनगर निवासी शालू पत्नी मनीष को भी प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इस बीच वह भी अस्पताल से चली गई। दोनों गर्भवती के गायब होने के बाद महिला अस्पताल प्रशासन और स्टाफ के होश उड़ गए। पूरा स्टाफ और जिम्मेदार अस्पताल से गईं प्रसूताओं के बारे में जानकारी करने लगा।
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अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, काफी देर बाद जानकारी हुई कि दोनों प्रसूताएं रानी कोठी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। इन दोनों को एक महिला दलाल बहलाकर वहां ले गई थी। इसकी जानकारी होने पर डॉ. रीता वर्मा, डॉ. रीतू व डॉ. कमलेश ने सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल को पत्र सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराकर कार्रवाई की मांग की है, जिससे ऐसे मामलों को रोका जा सके।
महिला अस्पताल की डॉक्टरों की मानें तो शास्त्रीनगर की रहने वाली प्रसूता शालू का बिना कोविड-19 की जांच कराए ही ऑपरेशन कर दिया गया है, इससे कोरोना फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। डॉक्टरों ने सीएमएस से गुजारिश की है कि प्रसूता का कोरोना टेस्ट जरूर करा लिए जाए, ताकि कोई खतरा न बढ़े। अगर प्रसूता संक्रमित हुई तो खतरा कितना बड़ा हो सकता है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल ने बताया कि प्रसव के लिए भर्ती दो प्रसूताओं को अस्पताल से चुपके से निकालकर ले जाने का मामला संज्ञान में आया है। डॉक्टरों ने पत्र देकर मामले से अवगत कराया है। दोनों महिलाओें का ऑपरेशन रानी कोठी स्थित प्राइवेट अस्पताल में कराने की बात सामने आई है। ये महिलाएं जिला महिला अस्पताल से वहां कैसे गईं, इसकी जांच कराई जाएगी। मामले में जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी।