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Sitapur News: सरयू का जलस्तर 10 और शारदा का 15 सेंटीमीटर बढ़ा

Wed, 12 Aug 2026 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Wed, 12 Aug 2026 11:54 PM IST
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The water level of the Saryu rose by
उफनाई नदी
सीतापुर। बैराजों से छोड़े गए 3.62 लाख क्यूसेक पानी से सरयू और शारदा नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। बुधवार को सरयू का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 118 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। शारदा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़कर 134.85 मीटर हो गया। खतरे के निशान 135.49 मीटर से यह महज 64 सेंटीमीटर नीचे है।
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बुधवार को बैराजों से मंगलवार की अपेक्षा करीब 87 हजार क्यूसेक अधिक पानी छोड़ा गया। यह पानी जिले में पहुंचने पर दोनों नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका है। गांजर के ग्रामीणों के मुताबिक, पिछली बार तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने पर बाढ़ की स्थिति बनी थी और सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई थीं। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, फिलहाल नदियों का पानी दायरे में है और स्थिति सामान्य है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रहा है।
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किस बैराज से कितना पानी छोड़ा
घाघरा बैराज : 1,64,038 क्यूसेक
शारदा बैराज : 1,26,629 क्यूसेक
बनबसा बैराज : 71,714 क्यूसेक
बीमारी से मजदूरों पर आर्थिक संकट
रामपुर मथुरा। तटवर्ती गांवों में सर्दी-जुकाम, बुखार और टायफाइड के मरीज बढ़ रहे हैं। अखरी, प्यारेपुरवा, बाबाकुटी, निरंजनपुरवा और शुकुलपुरवा के ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवाएं दी गई हैं, लेकिन कई लोग अब भी बीमारी से परेशान हैं। बीमारी के कारण मजदूरी नहीं कर पाने से कटान पीड़ित परिवारों पर आर्थिक संकट भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कई लोगों को कई दिनों से रुक-रुककर बुखार और कमजोरी की शिकायत है। इलाज पर खर्च होने के साथ काम प्रभावित होने से परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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सीएचसी या कैंप से ही लें दवा
सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिवकांत ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव और गंदगी से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीण पानी उबालकर पीएं और दवाएं नियमित लें। उन्होंने बिना जांच के दवा लेने से बचने और सीएचसी या स्वास्थ्य शिविर से ही उपचार कराने की सलाह दी।
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