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रपटा पुल के दोनों किनारों पर कटी सड़क
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सीतापुर में सदरपुर इलाके में रपटा पुल पर बाढ़ का पानी बहने से नाव पर बाइक लादकर सुरक्षित स्थान पर
- फोटो : SITAPUR
रेउसा/सदरपुर (सीतापुर)। महमूदाबाद व बिसवां तहसील में चौका व किवानी नदियां तबाही मचा रही है। करीब 75 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। फसलें जलमग्न हो गई हैं। कटान की जद में आकर रेउसा इलाके में करीब 50 बीघा जमीन कट गई है। रपटा पुल से अभी पानी नहीं हटा है। पुल के दोनों किनारों पर लंबाई में 10-10 मीटर तक सड़क कट गई है। आवागमन अवरुद्ध होने से लोग दूरदराज के रास्तों से आवागमन कर रहे हैं।
रेउसा संवाद के अनुसार, बिसवां तहसील में अब नदियां कटान कर रही है। दुर्गापुरवा, पासिनपुरवा, दर्जिनरेती में करीब 50 बीघा जमीन कट गई है। जिनकी जमीन कटी है, उनमें रामदेव, जगदीश, प्रहलाद, रामेश्वर, सुरेश, लालाराम शामिल है। सदरपुर संवाद सूत्र के अनुसार, करीब 50 गांवों के अंदर बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने से धान की फसल डूब गई है। रास्तों में पानी भरा होने से आवागमन बाधित है। घरों में कई फिट तक पानी भरा होने से दो वक्त की रोटी पकाने के लिए लोगों को तमाम दिक्कतें आ रही हैं। आवागमन बाधित होने से ग्रामीणों तक राहत सामग्री पहुंचने में समस्या हो रही है।
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धरमपुर, लंघनिया, गौड़ी, पासिनपुरवा, जब्बारपुरवा, सरजूपुरवा, पट्टी, धोबिनपुरवा, भलवाही, घरथरी, शिवपुर, देवरिया सहित तमाम गांव प्रभावित है। सदरपुर गोड़ैचा चौराहा जाने वाले मार्ग पर बकहुंआ बाजार से आगे बने रपटा पुल पर पानी चल रहा है। इससे तीन दिन से आवागमन ठप पड़ा है। तेज बहाव से रपटा पुल के दोनों किनारों पर करीब 10-10 मीटर तक रोड कट गई है। किनारे कटने से यहां पर निकलना बहुत ही खतरनाक है। इसी वजह से आवागमन ठप चल रहा है। इसके कारण लोग नाव के जरिए आवागमन कर रहे हैं।
डीएम ने बांटी राहत सामग्री
सदरपुर (सीतापुर)। डीएम विशाल भरद्वाज ने रसूलाबाद के प्राथमिक विद्यालय भलवाही का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को बिस्किट वितरित किए। डीएम ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त राहत सामग्री वितरित करने और प्रभावित ग्रामीणों के बीच जाकर समस्याएं निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम दिव्या ओझा, तहसीलदार मनीष कुमार आदि उपस्थित रहे।
नाव ही एक मात्र है सहारा
सदरपुर (सीतापुर)। सदरपुर गोड़ैचा के रपटा पुल पर पानी भरने से नाव ही एक मात्र सहारा है। यहां पर सरकारी स्तर पर सिर्फ एक ही नाव चलाई जा रही है। नाव के जरिए आवागमन करने वालों की भारी तादाद है। ऐसे में लोग प्राइवेट नाव का सहारा ले रहे है। यह प्राइवेट नाव वाले प्रति यात्री 10 रुपये मोटरसाइकिल का 50 रुपये किराया ले रहे है। ऐसे में लोगों का कहना है कि प्रशासन यहां पर नावों की संख्या बढ़ाए।
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रेउसा संवाद के अनुसार, बिसवां तहसील में अब नदियां कटान कर रही है। दुर्गापुरवा, पासिनपुरवा, दर्जिनरेती में करीब 50 बीघा जमीन कट गई है। जिनकी जमीन कटी है, उनमें रामदेव, जगदीश, प्रहलाद, रामेश्वर, सुरेश, लालाराम शामिल है। सदरपुर संवाद सूत्र के अनुसार, करीब 50 गांवों के अंदर बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
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खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने से धान की फसल डूब गई है। रास्तों में पानी भरा होने से आवागमन बाधित है। घरों में कई फिट तक पानी भरा होने से दो वक्त की रोटी पकाने के लिए लोगों को तमाम दिक्कतें आ रही हैं। आवागमन बाधित होने से ग्रामीणों तक राहत सामग्री पहुंचने में समस्या हो रही है।
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धरमपुर, लंघनिया, गौड़ी, पासिनपुरवा, जब्बारपुरवा, सरजूपुरवा, पट्टी, धोबिनपुरवा, भलवाही, घरथरी, शिवपुर, देवरिया सहित तमाम गांव प्रभावित है। सदरपुर गोड़ैचा चौराहा जाने वाले मार्ग पर बकहुंआ बाजार से आगे बने रपटा पुल पर पानी चल रहा है। इससे तीन दिन से आवागमन ठप पड़ा है। तेज बहाव से रपटा पुल के दोनों किनारों पर करीब 10-10 मीटर तक रोड कट गई है। किनारे कटने से यहां पर निकलना बहुत ही खतरनाक है। इसी वजह से आवागमन ठप चल रहा है। इसके कारण लोग नाव के जरिए आवागमन कर रहे हैं।
डीएम ने बांटी राहत सामग्री
सदरपुर (सीतापुर)। डीएम विशाल भरद्वाज ने रसूलाबाद के प्राथमिक विद्यालय भलवाही का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को बिस्किट वितरित किए। डीएम ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त राहत सामग्री वितरित करने और प्रभावित ग्रामीणों के बीच जाकर समस्याएं निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम दिव्या ओझा, तहसीलदार मनीष कुमार आदि उपस्थित रहे।
नाव ही एक मात्र है सहारा
सदरपुर (सीतापुर)। सदरपुर गोड़ैचा के रपटा पुल पर पानी भरने से नाव ही एक मात्र सहारा है। यहां पर सरकारी स्तर पर सिर्फ एक ही नाव चलाई जा रही है। नाव के जरिए आवागमन करने वालों की भारी तादाद है। ऐसे में लोग प्राइवेट नाव का सहारा ले रहे है। यह प्राइवेट नाव वाले प्रति यात्री 10 रुपये मोटरसाइकिल का 50 रुपये किराया ले रहे है। ऐसे में लोगों का कहना है कि प्रशासन यहां पर नावों की संख्या बढ़ाए।