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Sitapur News: राइस मिलर्स ने की धान खरीद नीति में संशोधन की मांग
Fri, 16 Oct 2026 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:32 AM IST
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सीतापुर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीद नीति में संशोधन की मांग को लेकर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से अपनी मांगों का एक ज्ञापन भेजा है। मांग पत्र में एसोसिएशन ने चावल उद्योग से जुड़ी समस्याओं का हवाला देते हुए प्रोत्साहन राशि बहाल करने, रिकवरी छूट बढ़ाने और सरकारी एजेंसियों पर बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की है।
मांगपत्र में कहा गया है कि मौजूदा नीति से प्रदेश के राइस मिलर्स में असंतोष है और चावल उद्योग के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है। एसोसिएशन ने मांग की है कि राइस मिलर्स को पहले की तरह प्रोत्साहन राशि दी जाए। धान से चावल की रिकवरी पर मिलने वाली छूट को 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर दो प्रतिशत करने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अलावा सरकारी एजेंसियों पर बकाया भुगतान जल्द कराने और कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा करने के बाद संबंधित मदों का भुगतान तत्काल करने का प्रावधान नीति में शामिल करने की मांग की गई है।
मांगपत्र में पिछले विपणन वर्ष के दौरान सीएमआर का समय से प्रेषण नहीं हो पाने के लिए मिलर्स पर कार्रवाई और प्रोत्साहन राशि काटे जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की कम आपूर्ति, बारदाने की अनुपलब्धता और भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में जगह नहीं मिलने के कारण चावल भेजने में देरी हुई। ऐसे में वर्ष 2025-26 की पूरी प्रोत्साहन राशि मिलर्स को देने की मांग की गई है। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय बंसल, महेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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मांगपत्र में कहा गया है कि मौजूदा नीति से प्रदेश के राइस मिलर्स में असंतोष है और चावल उद्योग के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है। एसोसिएशन ने मांग की है कि राइस मिलर्स को पहले की तरह प्रोत्साहन राशि दी जाए। धान से चावल की रिकवरी पर मिलने वाली छूट को 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर दो प्रतिशत करने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अलावा सरकारी एजेंसियों पर बकाया भुगतान जल्द कराने और कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा करने के बाद संबंधित मदों का भुगतान तत्काल करने का प्रावधान नीति में शामिल करने की मांग की गई है।
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मांगपत्र में पिछले विपणन वर्ष के दौरान सीएमआर का समय से प्रेषण नहीं हो पाने के लिए मिलर्स पर कार्रवाई और प्रोत्साहन राशि काटे जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की कम आपूर्ति, बारदाने की अनुपलब्धता और भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में जगह नहीं मिलने के कारण चावल भेजने में देरी हुई। ऐसे में वर्ष 2025-26 की पूरी प्रोत्साहन राशि मिलर्स को देने की मांग की गई है। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय बंसल, महेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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