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Sitapur News: नातिया मुशायरे में शायरों ने पेश किया कलाम
Sun, 18 Oct 2026 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:13 AM IST
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लहरपुर। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष हाजी जावेद अहमद के आवास पर शुक्रवार देर रात नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे की सदारत बुजुर्ग शायर मोहम्मद अमीन अंसारी ने की, जबकि संचालन जमील फरीद पुरी ने किया। कार्यक्रम का आगाज कुरान-ए-पाक की तिलावत से हुआ। मुशायरे में एक दर्जन से अधिक शायरों ने नबी-ए-पाक की शान में अपना कलाम पेश किया।
कार्यक्रम संयोजक हाजी जावेद अहमद ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की तारीफ में कलाम पेश करना इबादत और अकीदत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी पाक महफिलों में अल्लाह की रहमत बरसती है। अनवर बिसवानी ने कहा कि नात-ए-पाक लिखना, पढ़ना और सुनना सवाब का काम है। शायर नफीस सीतापुरी ने कलाम पेश करते हुए पढ़ा कि रहबर जो मेरे अहमद-ए-मुख्तार हो गए दुश्वार मरहले सभी हमवार हो गए। अनवर बिसवानी ने पढ़ा कि एक उम्र कट गई है इसी इंतजार में, पहुंचेंगे एक रोज नबी के दयार में। जुबेर वारिस ने अपने अशआर से अकीदत का इजहार किया।
उन्होंने कहा, तजकिरा आपका कोई कितना करे, जिक्र होगा मगर न तमाम आपका। जमील फरीद पुरी ने बेहतरीन तरन्नुम में नात पेश कर महफिल में समां बांध दिया। इसके अलावा सगीर भारतीय, शाहिद लहरपुरी, गुलजार खैराबादी, शुएब आतिफ लहरपुरी, बाबू निसार, शब्बीर अजहर और रिजवान मारूफ सहित अन्य शायरों ने कलाम पेश किया। महफिल में सभासद रहमत अली सहित तमाम लोग मौजूद रहे। अंत में अधिवक्ता जेडआर रहमानी ने मेहमानों और शायरों का शुक्रिया अदा किया।
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कार्यक्रम संयोजक हाजी जावेद अहमद ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की तारीफ में कलाम पेश करना इबादत और अकीदत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी पाक महफिलों में अल्लाह की रहमत बरसती है। अनवर बिसवानी ने कहा कि नात-ए-पाक लिखना, पढ़ना और सुनना सवाब का काम है। शायर नफीस सीतापुरी ने कलाम पेश करते हुए पढ़ा कि रहबर जो मेरे अहमद-ए-मुख्तार हो गए दुश्वार मरहले सभी हमवार हो गए। अनवर बिसवानी ने पढ़ा कि एक उम्र कट गई है इसी इंतजार में, पहुंचेंगे एक रोज नबी के दयार में। जुबेर वारिस ने अपने अशआर से अकीदत का इजहार किया।
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उन्होंने कहा, तजकिरा आपका कोई कितना करे, जिक्र होगा मगर न तमाम आपका। जमील फरीद पुरी ने बेहतरीन तरन्नुम में नात पेश कर महफिल में समां बांध दिया। इसके अलावा सगीर भारतीय, शाहिद लहरपुरी, गुलजार खैराबादी, शुएब आतिफ लहरपुरी, बाबू निसार, शब्बीर अजहर और रिजवान मारूफ सहित अन्य शायरों ने कलाम पेश किया। महफिल में सभासद रहमत अली सहित तमाम लोग मौजूद रहे। अंत में अधिवक्ता जेडआर रहमानी ने मेहमानों और शायरों का शुक्रिया अदा किया।
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