फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Krishi Sakhis will teach natural farming methods

Sitapur News: कृषि सखियां सिखाएंगी प्राकृतिक खेती की विधियां

Mon, 05 May 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Mon, 05 May 2025 12:03 AM IST
विज्ञापन
Krishi Sakhis will teach natural farming methods
सीतापुर। राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान, हैदराबाद और कृषि विभाग के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में कृषि सखियों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत दो ब्लॉक की चयनित कृषि सखियों ने प्राकृतिक खेती करने की बारीकियां जानी। वह किसानों को इसे बताएंगी। इससे किसानों को कृषि सखियों का साथ मिलेगा और प्रकृति की भी सुरक्षा होगी।
विज्ञापन

पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में रविवार को केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दया शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाओं को गो-आधारित प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पहलुओं से सशक्त करना है।
विज्ञापन

प्रशिक्षण का उद्देश्य लघु और सीमांत किसानों तक प्राकृतिक खेती की विधा को अधिक से अधिक पहुंचाने और अनुपालन में योगदान करना है। प्रशिक्षण प्रभारी, मृदा वैज्ञानिक सचिन प्रताप तोमर ने प्राकृतिक खेती मिशन योजना, बीजामृत, जीवामृत, घन जीवामृत व प्राकृतिक खेती में कीटों एवं बीमारियों से फसल को बचाने के लिए दशपर्णी अर्क, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र आदि बनाने की विधियों को बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अतिरिक्त फसल अवशेष प्रबंधन, मिट्टी परीक्षण की विधि, पोषण वाटिका, भंडारण तकनीक पर जानकारी दी। एडीओ रवींद्र कुमार ने प्राकृतिक खेती को समझाते हुए बताया कि यह प्रणाली स्थानीय संसाधनों पर आधारित कम लागत वाली रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा देती है। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह ने देसी गाय के गोबर और गोमूत्र आधारित कृषि इनपुट जैसे बीजामृत, जीवनामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी अर्क, नीमास्त्र आदि की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

प्राकृतिक खेती मिशन की बताई नीति
प्रसार वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की नीति, उद्देश्यों एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन का मुख्य फोकस फार्म पर निर्मित जैविक इनपुट के उपयोग को बढ़ावा देना, बाहरी खरीद पर निर्भरता कम करना तथा सतत कृषि प्रणाली को अपनाना है। गृह विज्ञान विशेषज्ञ डाॅ. रीमा ने प्राकृतिक खेती में मिलेट्स (मोटे अनाज) की वैज्ञानिक खेती, उत्पादन तकनीक, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा पोषण सुरक्षा पर विशेष व्याख्यान दिया।

प्राकृतिक खेती के लाभ बताए
प्राकृतिक खेती के मास्टर ट्रेनर व कमुआ निवासी प्रगतिशील किसान अशोक कुमार गुप्ता ने ताया कि किस तरह प्राकृतिक खेती द्वारा किसान खेती की लागत के साथ गुणवत्तायुक्त अनाज, सब्जियां ले सकते हैं। बिसवां की शीतल त्रिवेदी ने कृषि सखियों को केंचुआ खाद उत्पादन करने की तकनीकी पर जानकारी दी। बताया कि किस प्रकार महिलाएं खेती के साथ केचुआ खाद बिक्री करके अतिरिक्त आय सृजन कर सकती हैं। प्रशिक्षण लेने वाली 29 कृषि सखियों को प्रणाम पत्र वितरित किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed