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Sitapur News: केवानी की बाढ़ से खेत व रास्ते डूबे
Mon, 15 Sep 2025 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 15 Sep 2025 12:23 AM IST
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रास्ते में भरे बाढ़ के पानी के बीच से होकर गुजरते ग्रामीण।
जहांगीराबाद (सीतापुर)। केवानी नदी में उफान आने से तटवर्ती इलाका बाढ़ की चपेट मे आ गया है। बाढ़ का पानी पुल के उत्तरी किनारे से निकल कर आबादी की ओर बढ़ रहा है। त्रिलोकपुर व कर्बला जाने वाला रास्ता बाढ़ के पानी से लबालब है।
कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई है। बाढ़ के पानी से हौदा तालाब लबालब हो गया है। अगर पानी इसी तरह से बढ़ता रहा तो किसी भी समय जहांगीराबाद में बाढ़ का पानी घुस सकता है। संभावित बाढ़ को लेकर लोग सहमे हुए हैं। गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से रविवार को 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
गिरिजापुरी के बैराजों से रोजाना छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से केवानी नदी उफान पर है। नदी से बाहर निकलकर पानी खेत व रास्तों पर भर रहा है। त्रिलोकपुर व कर्बला मार्ग बाढ़ की चपेट में है। पानी के बीच से होकर लोग आवागमन कर रहे हैं।
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किसान हाफिज सुफियान ने बताया कि खेत जाने वाले रास्ते पर बाढ़ का पानी भर गया है। पानी लगातार बढ़ रहा है। अब अगर केवानी नदी में और पानी छोड़ा गया तो जहांगीराबाद और उसके आसपास गांवों की स्थिति भयावह हो जाएगी। गांव के आसपास खेतों में लगी धान, मकाई, उरद व गन्ना की फसल को भारी नुकसान होगा।
किसान प्रहलाद ने बताया कि रास्ते पर पानी ज्यादा हो जाने से खेत जाना मुश्किल हो जाएगा। त्रिलोकपुर के रहने वाले आदित्य गौड़ ने कहा कि इसी रास्ते पर होकर त्रिलोकपुर व पुरवा गांव के लोगों तथा छात्र-छात्राओं का आवागमन रहता है। शनिवार को बच्चों को डेढ़ किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके विद्यालय जाना पड़ा। अगर पानी और बढ़ा तो आवागमन मुश्किल होगा।
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कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई है। बाढ़ के पानी से हौदा तालाब लबालब हो गया है। अगर पानी इसी तरह से बढ़ता रहा तो किसी भी समय जहांगीराबाद में बाढ़ का पानी घुस सकता है। संभावित बाढ़ को लेकर लोग सहमे हुए हैं। गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से रविवार को 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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गिरिजापुरी के बैराजों से रोजाना छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से केवानी नदी उफान पर है। नदी से बाहर निकलकर पानी खेत व रास्तों पर भर रहा है। त्रिलोकपुर व कर्बला मार्ग बाढ़ की चपेट में है। पानी के बीच से होकर लोग आवागमन कर रहे हैं।
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किसान हाफिज सुफियान ने बताया कि खेत जाने वाले रास्ते पर बाढ़ का पानी भर गया है। पानी लगातार बढ़ रहा है। अब अगर केवानी नदी में और पानी छोड़ा गया तो जहांगीराबाद और उसके आसपास गांवों की स्थिति भयावह हो जाएगी। गांव के आसपास खेतों में लगी धान, मकाई, उरद व गन्ना की फसल को भारी नुकसान होगा।
किसान प्रहलाद ने बताया कि रास्ते पर पानी ज्यादा हो जाने से खेत जाना मुश्किल हो जाएगा। त्रिलोकपुर के रहने वाले आदित्य गौड़ ने कहा कि इसी रास्ते पर होकर त्रिलोकपुर व पुरवा गांव के लोगों तथा छात्र-छात्राओं का आवागमन रहता है। शनिवार को बच्चों को डेढ़ किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके विद्यालय जाना पड़ा। अगर पानी और बढ़ा तो आवागमन मुश्किल होगा।