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Sitapur News: सरयू के निशाने पर पांच घर, किवानी भी उफनाई
Sun, 14 Sep 2025 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 14 Sep 2025 12:54 AM IST
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निरीक्षण करते अधिकारी।
रामपुर मथुरा/तंबौर। सरयू और शारदा नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। इससे तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रामपुर मथुरा इलाके के एक पक्का घर कटकर सरयू में समा गया है। पांच मकान लहरों के निशाने पर हैं। तंबौर इलाके में शारदा की कटान शनिवार को नहीं हुई। लहरपुर विधायक व सिंचाई कार्य मंडल सीतापुर के अधीक्षण अभियंता ने लखनीपुर गांव का दौरा कर फ्लड फाइटिंग कार्य का निरीक्षण किया। वहीं, गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से शनिवार को 3.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रामपुर मथुरा ब्लॉक के अंगरौरा में लगे मीटर गेज पर शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर 118.30 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार की तुलना में जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ा है। लेखपाल रवींद्र ने बताया कि खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 70 सेंटीमीटर नीचे है। शुकुलपुरवा के प्रधान श्रीराम ने बताया कि सुंदरपुरवा निवासी ललतू का पक्का आवास कटकर सरयू में समा गया है। लोधनपुरवा में संतराम, मौजी लाल, बहादुर व कुंवारे तथा जगन्नाथ के घर लहरों के निशाने पर हैं। नदी की धारा इन घरों से महज 10 मीटर दूर है।
उधर, लहरपुर के सपा विधायक अनिल वर्मा और सिंचाई कार्य मंडल सीतापुर के अधीक्षण अभियंता नीलेश कुमार जैन कटान प्रभावित लखनीपुर गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों से संवाद किया। तटवर्ती घरों में रहने वाली महिलाओं ने अपनी परेशानी बताई। विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बचाव कार्यों की स्थिति जानी और गांव को कटान से सुरक्षित करने के लिए स्थाई समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद कटान रोधी कार्य का निरीक्षण किया।
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अधीक्षण अभियंता ने तीव्रगति से कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल ने बताया कि गिरिजापुरी में लगे मीटर गेज से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक शारदा नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दरम्यान 50 सेमी की वृद्धि हुई है। शनिवार को जलस्तर 135.40 मीटर है, जो खतरे के निशान से नौ सेमी नीचे है। लखनीपुर में कटान रोकने के लिए नायलॉन क्रेट, गेबियान रोप केस एवं बम्बू क्रेट में आरबीएम से भरी ईसी बैग नदी के किनारे लगाई जा रही है। इससे लखनीपुर में कटान रुका हुआ है, आबादी सुरक्षित है। फिलहाल लखनीपुर में स्थितियां नियंत्रण में हैं।
तटवर्ती गांवों का लगातार कर रहे भ्रमण
शारदा नदी के जलस्तर में आंशिक वृद्धि हुई है। लखनीपुर में स्थितियां सामान्य हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शारदा नदी के तटवर्ती गांवों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं। ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें जलस्तर के बारे में जानकारी दी जा रही है। संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
कटान पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा
सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। नदी की कटान में बह गए घरों का सर्वे करवाया जा रहा है। कटान पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद
केवानी नदी उफनाई, बाढ़ की चपेट में फसलें
जहांगीराबाद (सीतापुर)। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से केवानी नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। केवानी में उफान से तटवर्ती इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। दरअसल, जहांगीराबाद पुल के पानी नदी से बाहर निकलकर गांव की ओर बढ़ रहा है। पानी दुबघटिया तालाब में भरकर किसानों के खेतों को चपेट में ले रहा है। इससे फसल डूबने से नुकसान का खतरा उत्पन्न हो गया है। पुलिया के पास रास्ते पर बाढ़ का पानी भर गया है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो आबादी का इलाका भी बाढ़ की चपेट में आ सकता है।
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रामपुर मथुरा ब्लॉक के अंगरौरा में लगे मीटर गेज पर शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर 118.30 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार की तुलना में जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ा है। लेखपाल रवींद्र ने बताया कि खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 70 सेंटीमीटर नीचे है। शुकुलपुरवा के प्रधान श्रीराम ने बताया कि सुंदरपुरवा निवासी ललतू का पक्का आवास कटकर सरयू में समा गया है। लोधनपुरवा में संतराम, मौजी लाल, बहादुर व कुंवारे तथा जगन्नाथ के घर लहरों के निशाने पर हैं। नदी की धारा इन घरों से महज 10 मीटर दूर है।
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उधर, लहरपुर के सपा विधायक अनिल वर्मा और सिंचाई कार्य मंडल सीतापुर के अधीक्षण अभियंता नीलेश कुमार जैन कटान प्रभावित लखनीपुर गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों से संवाद किया। तटवर्ती घरों में रहने वाली महिलाओं ने अपनी परेशानी बताई। विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बचाव कार्यों की स्थिति जानी और गांव को कटान से सुरक्षित करने के लिए स्थाई समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद कटान रोधी कार्य का निरीक्षण किया।
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अधीक्षण अभियंता ने तीव्रगति से कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल ने बताया कि गिरिजापुरी में लगे मीटर गेज से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक शारदा नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दरम्यान 50 सेमी की वृद्धि हुई है। शनिवार को जलस्तर 135.40 मीटर है, जो खतरे के निशान से नौ सेमी नीचे है। लखनीपुर में कटान रोकने के लिए नायलॉन क्रेट, गेबियान रोप केस एवं बम्बू क्रेट में आरबीएम से भरी ईसी बैग नदी के किनारे लगाई जा रही है। इससे लखनीपुर में कटान रुका हुआ है, आबादी सुरक्षित है। फिलहाल लखनीपुर में स्थितियां नियंत्रण में हैं।
तटवर्ती गांवों का लगातार कर रहे भ्रमण
शारदा नदी के जलस्तर में आंशिक वृद्धि हुई है। लखनीपुर में स्थितियां सामान्य हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शारदा नदी के तटवर्ती गांवों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं। ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें जलस्तर के बारे में जानकारी दी जा रही है। संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
कटान पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा
सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। नदी की कटान में बह गए घरों का सर्वे करवाया जा रहा है। कटान पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद
केवानी नदी उफनाई, बाढ़ की चपेट में फसलें
जहांगीराबाद (सीतापुर)। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से केवानी नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। केवानी में उफान से तटवर्ती इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। दरअसल, जहांगीराबाद पुल के पानी नदी से बाहर निकलकर गांव की ओर बढ़ रहा है। पानी दुबघटिया तालाब में भरकर किसानों के खेतों को चपेट में ले रहा है। इससे फसल डूबने से नुकसान का खतरा उत्पन्न हो गया है। पुलिया के पास रास्ते पर बाढ़ का पानी भर गया है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो आबादी का इलाका भी बाढ़ की चपेट में आ सकता है।