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Sitapur News: वैज्ञानिक खेती और उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
Fri, 16 Oct 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:52 AM IST
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सीतापुर। राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र, कटिया की ओर से सीएसआईआर-सीमैप और बिसवां अन्नदाता एफपीओ के सहयोग से बिसवां ब्लॉक के कमुआ गांव में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सशक्त महिला, समृद्ध कृषि थीम पर आयोजित कार्यक्रम में महिला किसानों को वैज्ञानिक खेती, फसल विविधीकरण, पोषण वाटिका और कृषि आधारित उद्यमिता के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
सीएसआईआर-सीमैप के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय सिंह ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती की संभावनाओं की जानकारी देते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बताया। वैज्ञानिक डॉ. ऋषिकेश और डॉ. राम सुरेश शर्मा ने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल फसलों का चयन करने पर जोर दिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. सचिन प्रताप तोमर ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक प्रयोग और टिकाऊ खेती की जानकारी दी। गृह वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने महिला किसानों को पोषण वाटिका विकसित करने, स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए प्रेरित किया।
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वितरित किए गए कैमोमाइल के बीज
कार्यक्रम में किसानों को कैमोमाइल के बीज वितरित किए गए। सीएसआईआर-सीमैप के वैज्ञानिकों ने इसकी खेती और उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। प्रगतिशील महिला किसान आरती, वंदना, गोल्डी और ममता ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़कर उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना रहा।
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सीएसआईआर-सीमैप के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय सिंह ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती की संभावनाओं की जानकारी देते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बताया। वैज्ञानिक डॉ. ऋषिकेश और डॉ. राम सुरेश शर्मा ने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल फसलों का चयन करने पर जोर दिया।
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कृषि विज्ञान केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. सचिन प्रताप तोमर ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक प्रयोग और टिकाऊ खेती की जानकारी दी। गृह वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने महिला किसानों को पोषण वाटिका विकसित करने, स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए प्रेरित किया।
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वितरित किए गए कैमोमाइल के बीज
कार्यक्रम में किसानों को कैमोमाइल के बीज वितरित किए गए। सीएसआईआर-सीमैप के वैज्ञानिकों ने इसकी खेती और उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। प्रगतिशील महिला किसान आरती, वंदना, गोल्डी और ममता ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़कर उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना रहा।