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Sitapur News: खाद्यान्न घोटाले में डिप्टी आरएमओ लखनऊ संबद्ध
Tue, 06 Oct 2026 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:26 AM IST
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सीतापुर। जिले में खाद्यान्न की कालाबाजारी मामले में प्रभारी मंत्री ने डिप्टी आरएमओ उदय प्रताप सिंह सिसोदिया को सोमवार को लखनऊ संबद्ध कर दिया। जिला आपूर्ति अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव के हटने की चर्चा तेज रही। अभी डिप्टी आरएमओ उदय प्रताप सिंह सिसोदिया के स्थान पर कोई तैनाती नहीं हुई है। डीएसओ के संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जिलाधिकारी कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है।
जिले में खाद्यान्न की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी सामने आई थी। इस मामले में प्रभारी मंत्री मनोज पांडेय ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही डीएम को पत्र लिखकर इस पूरे मामले के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों की गहनता से जांच के निर्देश भी दिए थे।
इस मामले में डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने भी गोपनीय जांच करवाई थी। सिधौली, बेहटा और परसेंडी ब्लॉक में 1793 क्विंटल राशन घोटाले के मामले में आरोपियों के खिलाफ 10 सितंबर को रामकोट व 11 सितंबर को सिधौली कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
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आरोप है कि ग्वालमंडी निवासी ठेकेदार रवि जिले के परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का खाद्यान्न एफसीआई गोदाम से सरकारी राशन की दुकान तक पहुंचाते थे। जुलाई से सितंबर तक का खाद्यान्न उठान कर एफसीआई गोदाम से उचित दर विक्रेताओं तक पहुंचाया जाना था।
इसके बाद भी परसेंडी और बेहटा के कुछ कोटेदारों को खाद्यान्न नहीं मिला। इसकी शिकायत पर जांच हुई, जिसमें यह निकलकर सामने आया था कि कई उचित दर विक्रेताओं को जुलाई, अगस्त और सितंबर का खाद्यान्न नहीं मिला हैं।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद परसेंडी की मार्केटिंग इंस्पेक्टर गरिमा वर्मा को डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बेहटा के आपूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार, विपणन निरीक्षक देवेन्द्र वर्मा और परसेंडी के आपूर्ति निरीक्षक नीतेश के खिलाफ डीएम ने निलंबन की संस्तुति की थी।
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जिले में खाद्यान्न की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी सामने आई थी। इस मामले में प्रभारी मंत्री मनोज पांडेय ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही डीएम को पत्र लिखकर इस पूरे मामले के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों की गहनता से जांच के निर्देश भी दिए थे।
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इस मामले में डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने भी गोपनीय जांच करवाई थी। सिधौली, बेहटा और परसेंडी ब्लॉक में 1793 क्विंटल राशन घोटाले के मामले में आरोपियों के खिलाफ 10 सितंबर को रामकोट व 11 सितंबर को सिधौली कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
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आरोप है कि ग्वालमंडी निवासी ठेकेदार रवि जिले के परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का खाद्यान्न एफसीआई गोदाम से सरकारी राशन की दुकान तक पहुंचाते थे। जुलाई से सितंबर तक का खाद्यान्न उठान कर एफसीआई गोदाम से उचित दर विक्रेताओं तक पहुंचाया जाना था।
इसके बाद भी परसेंडी और बेहटा के कुछ कोटेदारों को खाद्यान्न नहीं मिला। इसकी शिकायत पर जांच हुई, जिसमें यह निकलकर सामने आया था कि कई उचित दर विक्रेताओं को जुलाई, अगस्त और सितंबर का खाद्यान्न नहीं मिला हैं।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद परसेंडी की मार्केटिंग इंस्पेक्टर गरिमा वर्मा को डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बेहटा के आपूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार, विपणन निरीक्षक देवेन्द्र वर्मा और परसेंडी के आपूर्ति निरीक्षक नीतेश के खिलाफ डीएम ने निलंबन की संस्तुति की थी।