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बिना बिजली गर्मी में बिलबिला रहे बच्चे

Wed, 06 Jul 2022 01:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 01:12 AM IST
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Children crying in summer without electricity
पिसावां इलाके के रुकनदींनपुर प्राथमिक विद्यालय में किताबों से हवा करते स्कूली बच्चे। -संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। उमस भरी गर्मी परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों को परेशान कर रही है। जिले के 711 विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। कई विद्यालयों में कनेक्शन है पर पंखे खराब है। कई स्कूलों में समय से बिजली नहीं आती है। इसकी वजह से इन विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहाल गर्मी से तरबतर हो रहे है।
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जुलाई में गीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुल गए है। इस समय 42 डिग्री तक तापमान पहुंच रहा है। इस भयंकर गर्मी में सुबह नौनिहाल तो स्कूल आसानी से पहुंच जाते है। लेकिन उनको स्कूल में रुककर कक्षाओं में पढ़ना दुश्वार हो रहा है। स्कूलों में बिजली का कनेक्शन न होने से वह हवा का लाभ नहीं ले पा रहे है।
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इससे वह कक्षाओं के अंदर गर्मी में पसीने से तरबतर हो रहे है। जिन विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन है वहां पर भी दुश्वारियां कम नहीं हो रही है। कहीं समय से बिजली नहीं आती है, अगर आती है तो स्कूल में लगे पंखे खराब है। अगर पंखे चलते है तो लो वोल्टेज बाधा उत्पन्न कर देता है।
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इन तमाम दुश्वारियों के चलते परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को शिक्षा पूरी करने में गर्मी परेशान कर रही है। स्कूल के शिक्षक भी इस गर्मी से परेशान हो रहे है। कई विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन न होने से शिक्षक परिसर के अंदर लगे पेड़ों की छांव में ही पढ़ाई कराने को मजबूर है।
कनेक्शन के लिए बजट नहीं
पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरहबनपुर में बिजली कनेक्शन नहीं है। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय से पोल की दूरी करीब 700 मीटर है। जिसके लिये पावर कॉर्पोरेशन ने स्टीमेट बनाया है, लेकिन यह बजट से काफी अधिक है। ऐसे में विद्यालय के छात्र-छात्राएं गर्मी में पढ़ने को मजबूर हैं।
पोल लगाने का काफी आ रहा खर्च
एलिया विकासखंड के संविलयन विद्यालय ऐलगवां की स्थिति खराब है। विद्यालय द्वारा कनेक्शन की फीस जमा कर दी गई है। मगर विद्यालय में लगे बिजली पोल पर केबल नहीं डाला गया है। प्राथमिक विद्यालय हरिबंशपुर में छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक है। विद्यालय में बिजली कनेक्शन न होने के कारण प्रधानाध्यापिका अंजू ने बताया कि विद्यालय की गांव से दूरी करीब 200 मीटर है। जिससे कनेक्शन के लिये पोल लगाने का खर्च काफी आ रहा है।
तय बजट में कनेक्शन कराना हो रहा मुश्किल
प्रत्येक विद्यालय को बिजली का कनेक्शन करवाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 7539 रुये दिए जाते है। लेकिन जिले में करीब 200 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं, जहां पर परिसर के निकट बिजली का पोल नहीं है। पोल काफी दूर होने के कारण कनेक्शन कराना मुश्किल है। ऐसे में शिक्षक पावर कॉर्पोरेशन से मिलकर स्टीमेट तैयार करवा रहे है। यह स्टीमेट लाखों में बनने से विद्यालयों में बिजली पहुंचना बहुत ही मुश्किल लग रहा है।
खराब मिले पंखे
पिसावां विकासखंड में मंगलवार सैदापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में पंखे लगे है लेकिन बिजली न होने से बंद थे। रुकंदीनपुर प्राथमिक विद्यालय में बिजली कनेक्शन ही कटा मिला। अध्यापक ने बताया कि आंधी में केबल टूट गया था तब से कई बार पावर कॉर्पोेरशन को सूचित करने के बाद भी कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। जलाईपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रवीण ने बताया कि विद्यालय के समय रोस्टिंग के चलते बिजली नहीं मिल पाती है, जिसके चलते बच्चे उमस भरी गर्मी में पढ़ाई करते हैं।

चल रही कवायद
विद्यालयों में बिजली कनेक्शन कराने के लिए बजट भेजा जा चुका है। जिन स्थानों पर दूर पोल लगे हुए है, उनका पावर कॉर्पोरेशन से मिलकर स्टीमेट बनवाया जा रहा है। बजट मिलने के बाद कनेक्शन हो जाएगा।
- अजीत कुमार, बीएसए
3511 परिषदीय विद्यालय जिले में।
2800 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन।
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