फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   बेसिक शिक्षा विभाग को मिले 75 करोड़ की होगी जांच

बेसिक शिक्षा विभाग को मिले 75 करोड़ की होगी जांच

Mon, 03 Jun 2019 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2019 11:48 PM IST
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग को मिले 75 करोड़ की होगी जांच
सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग को वित्तीय वर्ष 2018-19 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत मिले करीब 75 करोड़ की जांच होगी। यह निर्णय जिलाधिकारी ने बजट में बंदरबांट की मिल रही तमाम शिकायतों के आधार पर लिया है। पिछले दिनों शिक्षक संगठन भी इसे लेकर आंदोलित रहे। इसकी भनक लगते ही विभाग में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग को सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का बजट मिलता है। इस बजट से गुणवत्तापरक शिक्षा व शिक्षकों को सहूलियत दी जाती है। खाना बनवाने से लेकर पुस्तक व फर्नीचर तक का बजट मिलता है।
विज्ञापन


अगर पिछले वित्तीय वर्ष की बात की जाए तो विभाग को करीब 75 करोड़ रुपये विभिन्न मदों में मिले थे। इसमें खासकर अकेले चार करोड़ रुपये बीआरसी वार भेजे गए थे। जिसमें सबसे अधिक दिक्कत लर्निंग व ग्रेडेड लर्निंग प्रशिक्षण को लेकर रही है। इस प्रशिक्षण के लिए भारी भरकम बजट मिला था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिसमें शिक्षकों को टीए/डीए से लेकर प्रशिक्षण के दौरान भोजन व अन्य सुविधाएं दी। बीईओ, वित्त एवं लेखाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान पर बजट में बंदरबांट करने के आरोप भी लगे। इस पर बीएसए ने शिक्षकों को टीए/डीए का लाभ दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बावजूद इसका लाभ सभी शिक्षकों को नहीं मिल सका है।

जांच के लिए बनी दो सदस्यीय टीम
बंदरबांट की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है। पिछले साल सभी योजनाओं के बजट की जांच कराने के निर्देश दिए है। इसके लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। इसमें डायट प्राचार्य व जिला आडिट अफसर को नामित किया गया है। ये दोनों अफसर शासन द्वारा मिली वित्तीय मदद की जांच करेंगे। इसकी खबर लगते ही विभाग में हड़कंप मच गया है।

इन बिंदुओं की होगी जांच
विभिन्न योजनाओं में शासन द्वारा उपलब्ध धनराशि के व्यय की स्थिति, खरीद में विशेषकर स्टोर परचेज नियम का पालन हुआ कि नहीं, अभिलेखों में रखरखाव की स्थिति, सामग्री का छात्रों में वितरण व उपयोग की स्थिति, यदि धनराशि सभी विद्यालयों में भेजी गई है तो उसका सदुपयोग हुआ कि नहीं। मिड-डे-मिल का संचालन एवं कन्वर्जन कॉस्ट के भुगतान के हालात आदि बिंदुओं की जांच होगी।

इन मदों में आया है बजट
लर्निंग आउटकम प्रशिक्षण, ग्रेडेड लर्निंग प्रशिक्षण, यू डायस प्रशिक्षण, एसएमसी प्रशिक्षण, उपचारत्मक प्रशिक्षण, पुस्तकालय व स्पोर्ट्स किट खरीद, कंपोजिट ग्रंट, बीआरसी रखरखाव, पुस्तक खरीद आदि मदों में बजट आया था। बजट की गहनता से जांच पड़ताल होगी। इसमें चार करोड़ रुपये बीआरसी को भेजेे गए है। सूत्रों का कहना है बीआरसी व प्रशिक्षण के बजट में खूब लूटखसोट हुई है। अब जांच के बाद यह मामले सामने आएंगे।


12 जून तक दिया है समय
सर्व शिक्षा अभियान के तहत पिछले साल बेसिक शिक्षा विभाग को मिले बजट की जांच कराई जाएगी। 12 जून को नामित अफसरों को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी।
- अखिलेश तिवारी, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed